कोण्डागांव

आदिवासी युवक ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांगी सलाह
18-Oct-2025 9:39 AM
 आदिवासी युवक ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांगी सलाह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 17 अक्टूबर। जिले के निवासी आदिवासी रामचंद मरकाम ने राष्ट्रपति को संबोधित एक पत्र जिला कलेक्टर कोण्डागांव के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि आदिवासी उत्पीडऩ से जुड़े उनके आवेदन पर 1 वर्ष 8 माह बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जबकि गैर-आदिवासी व्यक्तियों की शिकायतों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाती है।

रामचंद मरकाम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उन्होंने थाना प्रभारी, आजाक थाना कोण्डागांव एवं पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया था, पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दिए गए साक्ष्यों को नजऱअंदाज़ किया गया और शिकायत को अप्रमाणित बताया गया। वहीं, गैर-आदिवासी व्यक्तियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया।

पत्र में रामचंद ने लिखा है कि इस स्थिति से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि मामले को उन्होंने कलेक्टर, राज्य सरकार, पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान मुख्यमंत्री और अनुसूचित जनजाति आयोग तक भी पहुँचाया है, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

रामचंद मरकाम ने पत्र में राष्ट्रपति से प्रत्यक्ष रूप से यह सलाह मांगी है कि उन्हें क्या करना चाहिए – आत्महत्या करना या उन लोगों के विरुद्ध हिंसक कदम उठाना जो उनके अनुसार उन्हें प्रताडि़त कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि राष्ट्रपति से उत्तर मिलने तक वे कोई असंवैधानिक कदम नहीं उठाएंगे।


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