कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 1 सितंबर। प्रकृति,परंपरा और मातृभूमि के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ही सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना सहित नए फसल की बीज का प्रथम उपभोग करने नुआखाई - पुनांग पण्डुम (नयाखानी पर्व) विकासखंड बड़ेराजपुर के ग्राम ढोन्डरा में गायता मरकाम परिवार ने हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इस अवसर पर गायता मरकाम परिवार कुम्हड़ा के पत्तों से नए बीज का उपभोग करते हैं, वहीं क्षेत्र के बाकी सभी लोग किड़ंगी पत्ता से नया बीज का प्रथम उपभोग करते हैं । परन्तु गायता मरकाम परिवार गांव के मुख्य(भूमियार)होने के कारण ये परिवार कुम्हड़ा के पत्तों से नए धान बीज का सेवन करते हैं।
इस दौरान परिवार के सभी लोग अपने पेन स्थल में पहुंच कर बूढ़ाल पेन का सेवा अर्जी कर नया धान बीज का अर्पण किया गया।वहीं पेन पुरखा स्थल पर छोटे छोटे बच्चों का खिलौना जैसे नंदिया बैल, बर्तन अन्य खिलौने का भी सेवा अर्जी किया गया। तत्पश्चात परिवार के प्रत्येक घर के मुख्य सदस्यों के नाम से बीज वितरण किया गया, साथ ही उपस्थित सभी लोगों को भी वितरित किया गया। गायता प्रमुखों ने बताया कि हम कई पीढ़ी से यह पुनांग पंडुम मनाते आ रहे हैं जो अपने रीति रिवाज, परंपरा, संस्कृति,गांव की खुशहाली, सुख समृद्धि की कामना के लिए सेवा अर्जी करते हैं।
नई बहू ने आंचल से सेवा स्थल पर की सफाई
हर साल पुनांग तिंदाना(नयाखानी)के अवसर पर परिवार में नव विवाहित बहू के हाथों सफाई करना रहता है। इस साल शुरुआत में ही शादी होने के कारण किस्मत में रही ललिता मरकाम नई बहू के द्वारा पेन स्थल पर अर्पण किया गया। नए धान बीज,उड़द बड़ा, महुआ फूल रस इत्यादि को उसके आँचल में समेट कर घर के छत पर फेंका गया।
सभी को जोहार भेंट करना अनिवार्य
ज्ञात हो कि पुनांग तिंदाना(नयाखानी) पंडुम के अवसर पर परिवार के सभी सदस्यों को पेन पुरखा स्थल एक दूसरे के साथ जोहार भेंट करना अनिवार्य रहता है इससे परिवार की एकता,प्रेम,भाईचारा बनी रहती है।
इस दौरान गायता मरकाम परिवार के सभी प्रमुख और सदस्य उपस्थित रहे।


