कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 29 अगस्त। जिला मुख्यालय कोण्डागांव के नज़दीक जंगल विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया। शामपुर और फूंकागिरोला गांव के बीच जंगल को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद आखिरकार हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में कई ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें सरपंच, जनपद सदस्य और ग्राम पटेल शामिल हैं।
शामपुर और फूंकागिरोला के ग्रामीण लंबे समय से जंगल पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हैं। शामपुर के ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल वर्षों से उनके कब्जे में है और वे वन विभाग के साथ मिलकर पेड़ बचाने और पौधारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से जंगल की रक्षा करते आए हैं। वहीं, फूंकागिरोला के ग्रामीणों पर आरोप है कि वे पिछले तीन साल से जंगल पर कब्जा करने और पेड़ काटने का प्रयास कर रहे हैं।
28 अगस्त को वन विभाग की मौजूदगी में जंगल की सीमा तय करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उद्देश्य था कि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो सके। लेकिन मौके पर पहुँचे फूंकागिरोला के ग्रामीण कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर आए और अचानक शामपुर के ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
इस हमले में जनपद सदस्य अंगत पटेल, शामपुर सरपंच देवेंद्र मरकाम और ग्राम पटेल हरेंद्र प्रसाद पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें तत्काल रेफर कर जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं, 8 से अधिक लोग सामान्य चोटों से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद शामपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित होकर कोण्डागांव सिटी कोतवाली पहुंचे और आरोप लगाया कि फूंकागिरोला के लोग जंगल काटकर अतिक्रमण कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह जंगल उनकी पहचान और आजीविका से जुड़ा हुआ है, जिसे किसी भी हाल में बचाया जाएगा।
ज्ञात हो कि शामपुर के ग्रामीण 22 अगस्त को भी इसी विवाद को लेकर सिटी कोतवाली पहुंचे थे और जंगल बचाने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद विवाद थमने के बजाय और भडक़ गया, जिससे अब सवाल उठ रहा है कि प्रशासन ने पहले से एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए। ग्रामीण मोहन दास ने बताया कि, वर्षों से यह जंगल शामपुर के कब्जे में है। हम सबने मिलकर इसे बचाने का प्रयास किया है। लेकिन फूंकागिरोला के लोग हथियार लेकर हम पर हमला कर रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल ने बताया कि शामपुर और फूंकागिरोला के बीच जंगल की सीमा को लेकर विवाद था। वन विभाग की मौजूदगी में सीमांकन कराया जा रहा था, उसी दौरान आपसी झड़प हो गई। घटना में 4–5 लोग गंभीर घायल हुए हैं जबकि 8 से अधिक को हल्की चोटें आई हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है।


