कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 29 अगस्त। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुक्रवार को 12वें दिन भी कोण्डागांव के डीएनके मैदान में जारी रहा। नियमितीकरण, ग्रेड पे निर्धारण और 27त्न लंबित वेतनवृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के करीब 16,000 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। इसमें कोण्डागांव जिले के लगभग 581 कर्मचारी भी शामिल हैं।
धरना स्थल पर एनएचएम कर्मचारियों ने नाटक, गायन, योग और शारीरिक व्यायाम जैसी गतिविधियों के माध्यम से सरकार को उसके वादे याद दिलाए। कर्मचारियों का कहना है कि सत्ता में आने से पहले वर्तमान सरकार ने नियमितीकरण को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था और इसे मोदी की गारंटी तक बताया गया था। लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ और महज जुमला बनकर रह गया है। जिलाध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि, यह मोदी की गारंटी नहीं बल्कि मोदी के जुमले साबित हुए हैं। यदि अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान किसी कर्मचारी पर ठोस कार्रवाई की जाती है, तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
हड़ताल से बढ़ी आम जनता की परेशानी
लगातार चल रही हड़ताल का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। जिला के सरकारी अस्पतालों में इलाज ठप है। ग्रामीण क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बंद पड़े हैं। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज न मिलने से संकट गहराता जा रहा है। मजबूरन आम लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
श्रद्धांजलि
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने बस्तर जिले के संविदा कर्मचारी अमरदीप मरकाम (विकासखंड लेखा प्रबंधक) के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।


