कोण्डागांव

ग्रामीण आदिवासी युवक को गोली मारकर नक्सल मुठभेड़ बता रही पुलिस- मोहन मरकाम
16-Aug-2025 9:50 PM
ग्रामीण आदिवासी युवक को गोली मारकर नक्सल मुठभेड़ बता रही पुलिस- मोहन मरकाम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव,  16 अगस्त। कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी ने रेस्ट हॉउस में प्रेसवार्ता आयोजित किया, जिसे सम्बोधित करते हुए पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा -आज यहाँ एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर एकत्र हुए हैं। यह सिर्फ एक मुठभेड़ का मामला नहीं है, बल्कि यह न्याय, सच्चाई और आदिवासी समाज की गरिमा का मामला है।

फर्जी मुठभेड़ का आरोप

मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि 14 अगस्त की रात को केशकाल क्षेत्र में हुई जिस तथाकथित नक्सली मुठभेड़ का दावा पुलिस ने किया है, वह प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होती है। पुलिस ने दावा किया कि 12-15 नक्सली थे, लेकिन आसपास के ग्रामीणों और गवाहों को मुठभेड़ की कोई जानकारी नहीं।

ग्रामीण पर गोली चलाने का आरोप

घायल युवक अभय नेताम और उसके साथियों ने स्पष्ट किया कि वे मात्र शिकार करने गए थे। बावजूद इसके, पुलिस जवानों ने उन्हें पहचान बताने के बाद भी गोली मार दी। गोली कमर के आर-पार हो गई। यह घटना बताती है कि यह आत्मरक्षा नहीं बल्कि सीधी ज्यादती है।

मरकाम ने आरोप लगाया कि घायल की सूचना समय पर परिजनों को नहीं दी गई। परिजनों व ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे कुछ न कहें।यह पुलिस तंत्र की तानाशाही और बीजेपी सरकार की विफलता को दर्शाता है।

यदि मुठभेड़ असली थी, तो एसपी कोंडागांव ने 24 घंटे तक मीडिया को क्यों नहीं बताया? आखिर क्यों घटना की जानकारी छुपाई गई?ज़ब छोटे छोटे मुद्दे पर पुलिस द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की जाती है तो इतने बड़े मुद्दे पर आधी रात मे प्रेस नोट कैसे जारी होता है प्रेस वार्ता क्यों नहीं की गई?

एक तरफ बीजेपी सरकार कहती है कि कोंडागांव जिला नक्सलमुक्त है, दूसरी ओर वे फर्जी मुठभेड़ों का सहारा लेकर वाहवाही लूटना चाहती है।यह सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है और उनकी आवाज़ दबा रही है।कांग्रेस की माँग है कि पीडि़त अभय नेताम को एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले, पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

आदिवासी समाज के साथ हो रहे अन्याय को रोका जाए।

मरकाम ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री विजय शर्मा इस पूरे मामले के लिए सीधे जिम्मेदार हैं। यदि उनमे जरा भी संवेदनशीलता है तो तत्काल इस्तीफा दें। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सडक़ से सदन तक जोरदार तरीके से उठाएगी।

कांग्रेस ने चेतावनी दी कि  अगर पीडि़त परिवार को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस आदिवासी समाज के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी। यह आंदोलन केवल कोंडागांव ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में होगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक आदिवासी बेटे अभय नेताम को न्याय नहीं मिलता। च्च्जिस सरकार ने अपने ही आदिवासी बेटे को गोली मार दी, वह सरकार जनता का क्या भला करेगी?

बीजेपी नक्सलियों से नहीं लड़ रही, बल्कि मासूम आदिवासियों को निशाना बना रही है। अगर यह मुठभेड़ असली है तो फुटेज दिखाइए, और अगर फुटेज नहीं है तो सच स्वीकार कीजिए।

कांग्रेस साफ कहती है अभय नेताम को न्याय दो, वरना कांग्रेस पार्टी बीजेपी सरकार को चैन से नहीं बैठने देंगे।

मोहन मरकाम ने कहा -कांग्रेस पार्टी घायल आदिवासी युवक अभय नेताम से मुलाक़ात करने जिला अस्पताल पहुंचा, जहां पर अभय ने आप बीती बताई और उनकी माता ज्ञाना नेताम ने पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया। कांग्रेस पार्टी अभय नेताम व परिवार के साथ हैं। हमने परिजनों को किसी के दबाव में आने से बचने की सलाह दी है। आदिवासीयों  पर अत्याचार होने नहीं देंगे।

प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री मोहन मरकाम,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मतलाम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम, पूर्व जिलाध्यक्ष झूमूकलाल दीवान, महामंत्री रितेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष तरुण गोलछा,शहर अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन,नंदू दीवान, रविन्द्र दीवान,गीतेश बघेल के साथ अभय नेताम के परिजन ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


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