कोण्डागांव
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोंडागांव, 11 अगस्त। जिला कोंडागांव अंतर्गत मुंडा क्षेत्र बुनागाँव के ग्राम बुढ़ाकसा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस आयोजन में 40 ग्राम के आदिवासियों ने अपने पेन पुरखा- जिम्मेदारीन याया,बुढ़ादेव,आंगादेव का सेवा अर्जी कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
युवाओं और सगाजनों के द्वारा बाइक रैली के माध्यम से पूरे 40 ग्रामों का भ्रमण कर उत्साह दिखाई गई।मुंडा क्षेत्र के अध्यक्ष फिरती कोर्राम ने स्वागत प्रतिवेदन में आदिवासी समुदाय के उत्थान,संवैधानिक अधिकार और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित 9 अगस्त के थीम 2025 को संबोधित किया।सामाजिक पदाधिकारीयों ने अपने रीति-रिवाजों,बस्तर की पुरातन काल से चली आ रही वैभवशाली सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को मंच पर उकेरा।उच्च शिक्षा,महिला सशक्तिकरण,स्वास्थ्य सेवा,श्रम विभाग की योजना,पशुपालन, पारंपरिक वेशभूषा व संस्कृति पर समाज प्रमुखों द्वारा उद्बोधन दिया गया।
मुंडा क्षेत्र स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सामाजिक पदाधिकारीयों के द्वारा प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि भेंट किया गया।जिसमें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परीक्षाफल हेतु छात्रों को उत्कृष्ट छात्र, शिक्षकों को शिक्षा सम्मान,स्वास्थ्य में मिनी माता सम्मान,पंचायत में ग्राम गौरव सम्मान,आदर्श ग्राम सभा अध्यक्ष,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल सेवा सम्मान,समाज सेवा के क्षेत्र में वीर नारायण सिंह सम्मान से सम्मानित किया गया।इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में बस्तर की गौरवशाली इतिहास,आदिवासी संस्कृति और जल,जंगल और जमीन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम ,मांदर नृत्य,गौर नृत्य, और रेला पाटा नृत्य ने लोगों को भाव विभोर कर दिया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी सामुहिक नृत्य प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा


