कोण्डागांव
22 को कलमबंद आंदोलन की घोषणा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 2 अगस्त। जिला मुख्यालय कोण्डागांव के पुराना विश्रामगृह में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के महिला जिला प्रकोष्ठ का गठन किया गया। यह प्रक्रिया जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर एवं जिला सह संयोजक निर्मल शार्दुल के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
महिला जिला प्रकोष्ठ में अर्चना बनर्जी को जिला संयोजक, वर्षा सेमसन को जिला सह संयोजक, रतनी नरेटी को महामंत्री, डॉ. जयमती कश्यप एवं चमेली ध्रुव को संरक्षक मंडल सदस्य, लक्ष्मी देवांगन को संगठन मंत्री और जिला सचिव के रूप में नामित किया गया। नवगठित पदाधिकारियों का बारी-बारी से बुके भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जिला सह संयोजक निर्मल शार्दुल ने कहा कि कलयुग में संगठन की शक्ति ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी और अधिकारी एकता में रहें, तो सरकार तक अपनी आवाज प्रभावशाली ढंग से पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने महिला प्रकोष्ठ को नारी शक्ति का प्रतीक बताते हुए उसे महाशक्ति रानी दुर्गावती की संज्ञा दी।
फेडरेशन के जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर ने इस मौके पर संबोधित करते हुए आगे की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि मोदी मोदी की गारंटी अब केवल नारा नहीं, आंदोलन की चुनौती है। आगामी 22 अगस्त को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला स्तरीय कलमबंद और कामबंद आंदोलन किया जाएगा। इस दिन सभी अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे और सरकार की निष्क्रियता का विरोध जताएंगे।
उन्होंने कहा कि कई बार शासन और प्रशासन को ज्ञापन और पत्राचार के माध्यम से मांगें पहुंचाई गईं, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार की तरह वर्तमान सरकार ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि केंद्र के समान डीए (महंगाई भत्ता) अब तक नहीं दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और आंदोलन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
इस अवसर पर फेडरेशन के समस्त विभागों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


