कोण्डागांव
पांचों विकासखण्डों से शिक्षक और समन्वयक हो रहे हैं शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 26 जून। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अंतर्गत नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 23 जून को बीआरसी भवन कोण्डागांव में हुआ। इस प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्डों कोण्डागांव, माकड़ी, केशकाल, बड़ेडोंगर और फरसगांव से चयनित कुल 45 शिक्षक एवं संकुल समन्वयक (बीआरजी सदस्य) भाग ले रहे हैं, जिन्हें आगामी समय में ब्लॉक स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण का उद्घाटन मां शारदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, तिलक वंदन एवं समूह वंदना गीत के साथ किया गया। इस अवसर पर बस्तर डाइट प्राचार्य बेनूराम मौर्य, एपीसी श्रीनिवास नायडू एवं बीआरपी अशोक कुमार साहू उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों को साझा करते हुए शिक्षकों से नवाचार, समझ-आधारित शिक्षण और व्यवहारिक ज्ञान पर केंद्रित शिक्षा प्रणाली अपनाने का आह्वान किया।डाइट प्राचार्य मौर्य ने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रारंभिक स्तर की साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति अब रटने की बजाय अवधारणात्मक शिक्षण को बढ़ावा देती है, जिससे विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित हो सके।
प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का संचालन अजय कुमार नायक, सतीश कुमार जाटव, भारती साहू, नीलकंठ साहू और गोपीराम सेन द्वारा किया जाएगा। प्रथम दिवस पर सभी ब्लॉकों के बीआरजी डीआरजी साथियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज की और प्रशिक्षण की सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।


