कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 1 जून। शनिवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के द्वारा रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई गई।
सर्वप्रथम, देवी अहिल्याबाई होल्कर के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया। इसके बाद महारानी अहिल्याबाई होल्कर अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागाँव के सरंक्षक एवं बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा ने बताया कि महारानी अहिल्याबाई होलकर ने भारतभर के दर्जनों तीर्थस्थलों पर शिव मंदिरों, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया।
आज रानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती है। वह महान राजमाता थी, उन्होंने न केवल शासन व्यवस्था में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि पूरे भारतवर्ष में सनातन संस्कृति के संरक्षण में अमूल्य योगदान दिया।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के जिलाध्यक्ष सूरज यादव ने नि:शुल्क सैन्य प्रशिक्षण लेने वाले युवक-युवतियों को बताया कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर को विशेष रूप से एक ऐसी शिव भक्त के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में फैले प्राचीन शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण कराया। देवी अहिल्याबाई होलकर को लोग लोकमाता कहकर संबोधित करते थे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागाँव के सरंक्षक एवं बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा, जिलाध्यक्ष सूरज यादव, उपाध्यक्ष अजनेर लकड़ा, कोषाध्यक्ष सोमेश्वर भारती, सेवारत सैनिक राजू राम नेताम और नि:शुल्क सैन्य प्रशिक्षण लेने वाले युवक एवं युवतियां उपस्थित रहे।


