कोण्डागांव

तेन्दूपत्ता संग्रहण से आदिवासी जीवन में बदलाव, हर पत्ता खरीदेगी साय सरकार- केदार कश्यप
09-May-2025 10:23 PM
तेन्दूपत्ता संग्रहण से आदिवासी जीवन में बदलाव, हर पत्ता खरीदेगी साय सरकार- केदार कश्यप

कांग्रेस शासन में बोनस पर डाका डाला गया, अब साय सरकार ले रही है हिसाब

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 9 मई। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने बुधवार को कोण्डागांव क्षेत्र के गोलावंड स्थित तेन्दूपत्ता फड़ का निरीक्षण कर संग्रहणकर्ताओं से भेंट की और संवाद किया।

उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़ी जनजातीय आबादी के जीवन में बड़ा बदलाव हो रहा है। भाजपा की साय सरकार ने हर एक पत्ते को खरीदने का जो वादा किया था, वह अब जमीन पर उतारा जा रहा है। केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस शासन में तेन्दूपत्ता खरीदी की जो स्थिति थी, उसे संग्रहणकर्ता स्वयं भलीभांति जानते हैं। कांग्रेस कार्यकाल में आदिवासियों के अधिकारों और बोनस पर डाका डाला गया, जिसका पूरा हिसाब अब साय सरकार ले रही है। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता आदिवासी समाज के लिए केवल आमदनी का जरिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव है। इस धन से कोई अपनी संतान की शादी करता है, तो कोई शिक्षा का प्रबंध करता है।

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार आदिवासियों से तेन्दूपत्ता के हर मानक बोरे को 5500 रुपये प्रति च्ंिटल की दर से खरीदेगी। दर में इस वृद्धि से 12 लाख 50 हजार संग्रहणकर्ता परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अनुमानित 240 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। वन मंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर के वनोपज ही बस्तर के आदिवासियों के विकास का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि साय सरकार गांव, गरीब, आदिवासी, किसान, महिला और युवा की चिंता करने वाली सरकार है, जो स्थानीय संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को दिलाने की रणनीति पर कार्य कर रही है। बस्तर में 65 प्रकार की लघु वनोपजों का संग्रहण होता है, जिनमें इमली, महुआ, अमचूर आदि शामिल हैं, जिनका निर्यात भी किया जाता है।

 वन मंत्री ने बताया कि इन वनोपजों का प्रसंस्करण और वैल्यू एडीशन स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मोटे अनाज जैसे कोदो, कुटकी और रागी की खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही। इनकी वैश्विक मांग को देखते हुए सरकार स्थानीय किसानों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देगी।


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