कोण्डागांव
कोंडागांव, 17 अप्रैल। गुरुवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि मनाई गई।
सर्वप्रथम डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्जवलित किया गया और विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन- अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।
बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा ने युवाओं को बताया कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक भारतीय दार्शनिक और राजनेता थे। उन्होंने वर्ष 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। भारत की स्वतंत्रता के बाद देश को आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत बतौर शिक्षक के रूप में की थी। इसलिए उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हर वर्ष 05 सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है। जिलाध्यक्ष सूरज यादव ने युवाओं को बताया कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शिक्षा के क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय योगदान देने के लिए वर्ष 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
इसके साथ ही डॉ. राधाकृष्णन को ‘पीस प्राइज आफ द जर्मन बुक ट्रेड’ तथा इंग्लैंड सरकार द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा चुका है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के संरक्षक एवं बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत साहा, जिलाध्यक्ष सूरज यादव, कोषाध्यक्ष सोमेश्वर भारती, सदस्य रतिराम शोरी, मातृशक्ति संगीता शोरी, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बीजापुर के जिलाध्यक्ष सुबेदार काकेम नारायण और नि:शुल्क सैन्य प्रशिक्षण लेने वाले युवक-युवतियां उपस्थित रहे।


