कोण्डागांव
कोंडागांव, 15 अप्रैल। मंगलवार को शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ.सी.आर.पटेल के निर्देशन में आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ, समाज शास्त्र विभाग, इतिहास विभाग व राजनीति शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अम्बेडकर जयंती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभाग के अतिथि व्याख्याता भानुप्रताप साहू तथा इतिहास विभाग की अतिथि व्याख्याता पूर्णिमा कंवर के द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय महाविद्यालय रानीतराई, दुर्ग के वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमी महिश्वर उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में डॉ. भीम राव अम्बेडकर जी के जीवन की दो घटनाओं को कहानी के रूप में सुनाकर उनके अविस्मरणीय योगदानो जैसे हिंदू कोड बिल, महिलाओं के समानता इत्यादि के लिए नमन किया।
आयोजकों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके योगदानों को विभिन्न बिंदुओं में बांटकर उद्बोधन आमंत्रित किए थे जिसमें प्राध्यापकों में डॉ. अलका शुक्ला ने उनके जीवन परिचय, डॉ. किरण नूरूटी ने उनके कार्य, डॉ. पुरोहित कुमार सोरी ने उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, नसीर अहमद ने उनके सामाजिक उत्थान, और उनके द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकार, शिल्पा दर्रो ने उनकी स्वतंत्रता संग्राम में विचारधारा, जगतू राम नेताम ने उनकी शिक्षा, डॉ. करुणा जोशी ने उनके व्यक्तित्व पे कविता तथा लक्ष्मी मनहर ने उनके जीवन के सार इत्यादि विषयों को अपने उद्बोधन में सम्मिलित किया।
जिसका सार निकला कि, उनका पूरा जीवन संघर्षपूर्ण रहा, उन्होंने न सिर्फ दलितों के बल्कि संपूर्ण मानवजाति के उत्थान के लिए कार्य किया, उनकी लाइब्रेरी में पचास हजार से अधिक पुस्तकें थीं। डॉ. अम्बेडकर को उनके कृत्यों के लिए सन 1990 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात छात्र छात्राओं में यमुना चौहान ने डॉ. अम्बेडकर की उपलब्धियों, द्रोणा प्रसाद हियाल ने अंबेडकर की वर्तमान में प्रासंगिकता, मानसी ठाकुर ने असली दुश्मन कौन, जयप्रकाश ने अस्पृश्यता पर अंबेडकर के विचार, आशुतोष होड़ ने बाबा साहब के धर्म परिवर्तन, जागेश्वर मरकाम ने भारत में प्रचलित विभिन्न विचारधाराएं और अम्बेडकर, यामिनी पाणिग्रही ने समता मूलक राष्ट्र निर्माण में अंबेडकर की भूमिका, मेशोराम ने भारत में दलितों के लिए संवैधानिक प्रावधान, चंचल बोमकर ने बाबा साहब का प्रजातांत्रिक स्वरूप और ढांचा, सतवंतीन ने डॉ. अम्बेडकर की आर्थिक विचारधारा, मनीषा नेगी ने अंबेडकर के द्वारा लिखे संविधान और स्वतंत्रता के 75 वर्ष तथा रुद्र प्रकाश ने बदलते परिदृश्य में बाबा साहब के विचार एवं नीतियां विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए डॉ. आकाश वासनीकर ने दुनिया की महान हस्तियों, नेल्सन मंडेला इत्यादि के बाबा साहब के प्रति विचारों को प्रदर्शित करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में सभी विभागों के सहायक प्राध्यापक, शशिभूषण कन्नौजे, शोभाराम यादव, रूपा सोरी, डॉ. देवाशीष हालदार, विनय कुमार देवांगन, नेहा बंजारे, अर्जुन सिंह नेताम, समलेश पोटाई, लोचन सिंह वर्मा और अतिथि सहायक प्राध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।


