कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 14 फरवरी। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा आयोजित 16वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (टीवाईईपी) के तहत 40 विद्यार्थियों का एक दल शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना हुआ।
यह विद्यार्थी दल, जिसमें 20 युवक और 20 युवतियां शामिल हैं, कोण्डागांव जिले समेत नारायणपुर के फरसगांव, छोटेडोंगर और ओरछा क्षेत्र से हैं। यह दल हरियाणा के गुरुग्राम में विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभवों से रूबरू होगा।
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) मुख्यालय 29वीं वाहिनी कोण्डागांव द्वारा नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आदिवासी युवाओं को देश के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक परिवेश से परिचित कराना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझ सकें।
विद्यार्थियों का यह दल कोण्डागांव से गुरुग्राम (हरियाणा) पहुंचेगा। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल ने पिछले 15 वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि संबंधी संसाधन और सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराकर सशक्त किया है। इस अभियान के अंतर्गत युवाओं को न केवल नई जगहों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे समाज की विभिन्न गतिविधियों में भी भाग लेंगे।
इस अवसर पर आईटीबीपी 29वीं वाहिनी के कमांडेंट दुष्यंत राज जायसवाल ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों को देश की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराना और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर युवाओं को खेल प्रतियोगिताओं, स्वास्थ्य शिविरों और कौशल विकास कार्यक्रमों में सम्मिलित कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया जाता है।
आईटीबीपी का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नया दृष्टिकोण प्रदान कर समाज और देश की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।


