कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 2 फरवरी। ग्रामीण क्षेत्रों में जैसे ही फरवरी शुरू हो जाता है ठीक उसी तरह बसंत ऋतु का भी आगमन हो जाता है ऐसा ही नजारा सुबह कोंडागांव जिले के विकासखंड बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हरवेल से पिढापाल जाने वाले मार्ग पर देखा गया जो सडक़ के बीचोंबीच पेड़ से पत्ते गिरकर बिखरे हुए थे।
इसी तरह धामनपुरी पिटीसपाल तितरवंड लिहागांव पारोंड गम्हरी डिहीपारा किबड़ा में भी देखने को मिला पतझड़ के बाद वसंत के आगमन का संकेत प्रकृति के बदलते परिवेश से लगने लगा है। पेड़-पौधे नए पत्ते धारण करने लगे हैं, फूल खिलने लगे हैं और खेतों में पीले-पीले सरसों के फूल लहराने लगे हैं।
प्रकृति के नए शृंगार के साथ ही वसंत की बयार भी बहने लगी है। जाती हुई सर्दियां, बड़े होते दिन, गुनगुनाती धूप धीरे-धीरे तेज होती हुई। खेतों में नई फसल पक जाती है। सरसों, राई और मक्के के खेत मन को लुभाने लगते हैं। वसंत का उल्लास अब जन-मन के साथ ही मौसम में भी बिखरने लगा है। वसंत हर किसी को बरबस अपनी तरफ आकर्षित करता है।


