कोण्डागांव

स्वच्छता दीदियों को कचरा प्रबंधन से मुनाफा
14-Jan-2025 3:01 PM
स्वच्छता दीदियों को कचरा प्रबंधन से मुनाफा

घर-घर जाकर करते हैं इकट्ठा

कोंडागांव, 14 जनवरी। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव नगर में नगर पालिका की स्वच्छता दीदियों ने अपशिष्ट से पैसे कमा रही है। 1 साल से कचरा बेचकर 5 लाख 10 हजार 600 रुपए की अतिरिक्त कमाई की है। घर-घर कचरा कलेक्शन से मिले सूखा कचरा से यह फायदा उन्हें मिला है।

दरअसल, शहर के 22 वार्डों में 03 एसएलआरएम सेंटर है। जिसमें करीब 62 स्वच्छता दीदी काम कर रही है। हर दिन सुबह ये डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए निकल पड़ती है। इसके बाद पु_ा, प्लास्टिक से बने सामान, टीना-लोहा से बने सामग्री, शीशी-बोतल, न्यूज पेपर यानी घरों से निकलने वाले कचरा लेती हैं।

जिसे एसएलआरएम सेंटर लाया जाता है। एसआरएलएम केंद्र में सूखे कचरों की छंटनी की जाती है। इस छटनी में गीले कचरे से खाद बनाने का काम किया जाता है। सूखे कचरे का हर महीने रिकार्ड मेंटेन किया जाता है। 

फर्म को बेचते हैं सामान
सूखे कचरे को तोडक़र बड़ी-बड़ी बोरियों में पैककर रख दिया जाता है। इस सूखे कचरे को हर महीने स्वच्छता दीदी संबंधित अनुबंध फर्म को बेचते हैं। एक एसएलआरएम सेंटर में 30  से 40 हजार रुपए तक का सूखा कचरा बेचा जाता है। 

सबसे ज्यादा नवंबर-दिसंबर में कचरा बेचकर पैसे कमाए 
यह रुपए दीदियों के बनाए गए समूह के खाते में आता है। जो जितनी मेहनत सूखा कचरा लाने में करता है, उसे उनकी मेहनत के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। ऐसे में दीदियों को हर महीने 2 से 3 हजार रुपए तक सूखा कचरा से मिल जाता है।  सबसे अधिक लाभ नवंबर और दिसंबर महीने में हुआ है। दीपावली और अन्य त्यौहारों के समय लोगों के घरों से ज्यादा कचरा निकलता है। इसलिए साल 2024 के इन 2 महीने में लगभग 2 लाख रुपए का सूखा कचरा बेचा गया।


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