कोण्डागांव

ईनामी नक्सली का समर्पण
10-Jan-2025 10:00 PM
ईनामी नक्सली का समर्पण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 10 जनवरी। जिला में लंबे समय से सक्रिय एक लाख के ईनामी नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया।

 नक्सली  दिवास मंडावी आमदई एलओएस पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय था, वर्ष 2009 से 2024 तक माओवादी संगठन का हिस्सा रहा। उसने जनमिलिशिया सदस्य और फिर एलओएस पार्टी सदस्य के रूप में नक्सली गतिविधियों में भाग लिया। वह कोण्डागांव, बस्तर और नारायणपुर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों के खिलाफ कई मुठभेड़ों में शामिल रहा है। 

शासन की नक्सल उन्मूलन और पुनर्वास नीति तथा सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई से प्रभावित होकर  दिवास उर्फ गनपत मंडावी ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण के दौरान उसे 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, और पुनर्वास योजना के तहत अन्य सुविधाएं देने की प्रक्रिया जारी है। 

पुलिस के अनुसार दिवास मंडावी पर कई गंभीर आरोप हैं। इनमें वर्ष 2012 में ककनार चौकी (बस्तर) पर फायरिंग, वर्ष 2015 में बेड़मा और तुमड़ीवाल के पास पुलिस गश्ती दल पर हमला, वर्ष 2017 में ग्राम तुसवाल के पास गश्ती दल पर फायरिंग, वर्ष 2018 में आम ईरपानार में फायरिंग, जिसमें 4 जवान शहीद हुए। वर्ष 2024 में ग्राम थुलथुली में फायरिंग, जिसमें 36 नक्सली मारे गए थे।

सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार, और अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में कोण्डागांव में नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के साथ-साथ सिविक एक्शन प्रोग्राम के जरिए ग्रामीणों और नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

शासन और पुलिस प्रशासन ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोडक़र शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। दिवास मंडावी के आत्मसमर्पण को नक्सल उन्मूलन के प्रयासों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।


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