कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 28 दिसंबर। कोण्डागांव जिले के जिला अस्पताल में इन दिनों मलेरिया के उपचार में उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन आर्टेसुनेट की भारी कमी देखी जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, अस्पताल के स्टॉक में इस इंजेक्शन के गिनती के डोज ही शेष बचे हैं। यह स्थिति तब है, जब जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पंजीकृत होते हैं और दर्जनों मरीज आईपीडी में भर्ती किए जाते हैं।
दिसंबर में 12 मलेरिया पॉजिटिव मामले
दिसंबर माह में अब तक 636 मलेरिया टेस्ट किए गए, जिनमें 10 पीएफ (प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम) और 2 पीव्ही (प्लास्मोडियम विवैक्स) सहित कुल 12 मरीजों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई। इन मरीजों के इलाज में आर्टेसुनेट इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है, लेकिन स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।
आईवी फुल्यूएट डीएनएस
की भी कमी
जिला अस्पताल में न केवल आर्टेसुनेट इंजेक्शन की कमी है, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक दवा आईवी फुल्यूएट डीएनएस का स्टॉक भी लगभग समाप्त हो गया है। यह स्थिति मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रही है।
क्या है आर्टेसुनेट इंजेक्शन?
जिला अस्पताल में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉक्टर धीरज सहानी ने बताया कि, आर्टेसुनेट इंजेक्शन मलेरिया के गंभीर मामलों, विशेषकर पीएफ (प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम) संक्रमण के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा मलेरिया परजीवी को तेजी से खत्म करने में मदद करती है और मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है। स्टॉक में कमी के कारण इलाज प्रभावित हो सकता है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जिला अस्पताल प्रबंधन ने मलेरिया इंजेक्शन और अन्य आवश्यक दवाओं की कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी है। अधिकारियों ने जल्द से जल्द दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।


