कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 27 दिसंबर। जिले के जनपद क्षेत्र मटवाल और बम्हनी पंचायत चुनाव की मतगणना में लापरवाई सामने आई है। भाजपा ने प्रेसवार्ता के माध्यम से कांग्रेस पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
जिला भाजपा कार्यालय अटल सदन में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री केदार कश्यप, भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी, जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा और विधि एवं विधायी प्रकोष्ठ के सह संयोजक गोपाल दीक्षित ने मामले पर साझा बयान जारी करते कहा कि जनपद क्षेत्र कोण्डागांव का मतदान 28 जनवरी को संपन्न हुआ था, जिसमें क्षेत्र क्रमांक 16 से दीपिका कोर्राम एवं क्षेत्र क्रमांक 24 से गुनसी कश्यप भाजपा समर्थित प्रत्याशी थीं। 30 जनवरी को जनपद कार्यालय कोण्डागांव में गणना उपरांत परिणामों की घोषणा के दौरान दीपिका कोर्राम को 16 मतों एवं गुनसी कश्यप को 45 मतों से विजयी होना कहकर अगले दिन आकर जीत का प्रमाण पत्र ले जाने की बात कही गई, किंतु उसी दिनांक की मध्यरात्रि को व्हाट्सएप के माध्यम से यह जानकारी मिली कि खोमेश्वरी ठाकुर जो 16 मतों से और प्रमिला बघेल जो 45 मतों से चुनाव हार चुकी थी, उन्हें जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया है।
जानकारी होते ही दोनो भाजपा समर्थित जीती हुई प्रत्याशियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष 1 फरवरी को आवेदन प्रस्तुत कर पंचायत निर्वाचन अधिनियम के नियम 84 के तहत कार्रवाई करने हेतु निवेदन किया गया। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा 6 फरवरी तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर पार्टी द्वारा कलेक्टर चेंबर के सामने धरना दिया गया, वहीं दूसरे दिन पिटीशन की कार्रवाई करने की सलाह देते आदेश जारी हुआ। इस पर तत्काल उच्च न्यायालय बिलासपुर में रिट याचिका दायर की गई।
न्यायालय ने पाया कि उक्त आदेश कानून की दृष्टि से खराब है, कहकर उक्त आदेश को निरस्त कर चुनाव याचिका लगाने निर्देशित किया गया। चुनाव याचिका प्रस्तुत करने पर कार्रवाई के दौरान गणना पर्ची का मिलान हुआ और हमारी याचिका को सही पाते प्रकरण को सुनवाई के लिए रखा गया। इसी बीच समय बर्बाद करने की नीयत से पुनरीक्षण कमिश्नर न्यायालय जगदलपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां लगभग 6 से 8 माह प्रकरण लंबित रहा। प्रकरण जब दुबारा कोण्डागांव कलेक्टर कोर्ट आया, तब 18 नवंबर एवं 25 नवंबर को निर्णय पारित हुआ, जिसमें भाजपा समर्थित प्रत्याशी को 16 एवं 45 वोटों से विजयी मानते हुए प्रमाण पत्र प्रदाय करने का आदेश पारित किया गया। इसके साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि उपरोक्त सम्पूर्ण कार्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक मोहन मरकाम के द्वारा दबाव डालकर कराया गया था। भाजपा संबंधित अधिकारियों जिनके द्वारा उक्त अवैधानिक कार्रवाई की गई है, के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएगी।
इस दौरान पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने का कांग्रेस पार्टी का पुराना इतिहास रहा है। सीधे तरीके से यह जीत नहीं सकते, इसलिए गड़बड़ी कर जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाया है। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने कहा कि यदि पीसीसी चीफ और विधायक मोहन मरकाम में जऱा भी नैतिकता बची हो तो तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें और सेवा जैसे पदों पर जनता के आशीर्वाद से चुनकर आने वाले जनप्रतिनिधियों को हराने के कुत्सित प्रयास हेतु जनता से माफी मांगे।
जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा ने कहा कि हम कानूनी विशेषज्ञों व पार्टी में मंथन कर आगे की चुनावी कार्ययोजना बनाएंगे। प्रेसवार्ता उपरांत नगर के मुख्य मार्ग होते हुए रैली की शक्ल में बस स्टैंड पहुंच आतिशबाजी कर जनपद सदस्यों के जीत का जश्न भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मनाया। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, नगरपालिका अध्यक्ष हेमकुवर पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, मंडल अध्यक्ष जैनेंद्र सिंह ठाकुर व अन्य मौजूद रहे ।


