कोण्डागांव
कोण्डागांव, 25 दिसंबर। छग सहायक शिक्षक फेडरेशन 11 व 12 दिसंबर को ब्लॉक स्तर पर धरना देकर एवं 13 दिसंबर को विधानसभा घेराव के बाद 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन में डटे सहायक शिक्षकों से मिलने पहुंचे सीपीआई कोण्डागांव के जिला सचिव सह राज्य परिषद् सदस्य तिलक पाण्डे ने छग सहायक शिक्षक फेडरेशन की सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर करने संबंधी एक सूत्रीय मांग को जायज बताते हुए उनके आंदोलन का समर्थन करने के साथ ही कहा कि छात्र हित में छग सहायक शिक्षक फेडरेशन की मांग को जल्द सरकार पूरी करें।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उक्त सम्बन्ध में जानकारी देते हुए सीपीआई कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे ने कहा है कि वे साम्यवादी विचारधारा वाली पार्टी यानि सीपीआई से हैं और उनका मत है कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए, ताकि सभी कर्मचारी बिना किसी भेदभाव के अपनी सेवाएं एक समान दें। शिक्षण कार्य में लगे सभी कर्मचारी यानि नियमित शिक्षक से लेकर शिक्षाकर्मी, सहायक शिक्षक हो सभी बच्चों को शिक्षा देने का कार्य करते हैं ऐसे में सबके लिए अलग अलग वेतन का निर्धारण किया जाना व्यवहारिक रुप से सही प्रतीत नहीं होता है। वैसे भी कांग्रेस पार्टी हो या भाजपा, चुनाव के दौरान एक से बढक़र एक, लोक व कर्मचारी लुभावने वादे करके सत्ता पर आसीन तो हो जाती है लेकिन सत्ता पर बैठने के बाद अपने किए वादों को भुल जाती है और ऐसे में लोक हो या कर्मचारी को आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होना पड़ता है। सहायक शिक्षकों को भी अनिश्चितकालीन आंदोलन में डटना पड़ गया है जिसके लिए सहायक शिक्षक की बजाय वर्तमान कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है और वर्तमान में सहायक शिक्षकों के आंदोलन से विद्यार्थियों को ही सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यही कारण है कि वे सीपीआई की ओर से छग राज्य की कांग्रेस सरकार से मांग करते हैं कि सरकार अपना वादा निभाते हुए, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर करने सम्बन्धी एक सूत्रीय मांग को तत्काल पूरी करे। यदि कांग्रेस सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह स्वत: सिद्ध हो जाएगा कि कांग्रेस पार्टी के चुनावी वादे कुछ, और वास्तविकता कुछ और होते हैं।
राज्य परिषद् सदस्य शेलैष ने कहा कि वैसे भी भाजपा हो या कांग्रेस पार्टी की सरकारें दोहरी शिक्षा नीति चलाने वाली पार्टियां हैं यानि उच्च वर्ग के लिए अच्छी सुविधाओं वाली प्राईवेट तथा गरीबों के लिए बिना सुविधाओं यानि बिना पर्याप्त शिक्षकों वाली सरकारी स्कूलों वाली शिक्षा व्यवस्था देना ही उनका एक मात्र लक्ष्य रह गया, प्रतीत होता है। यदि कांग्रेस सरकार सहायक शिक्षकों से किए वादे के अनुसार उनकी मांग को जल्द पूरा न करते हुए लंबा खिंचती है, तो भी यह जाहिर हो जाएगा कि सरकार जानबूझकर सहायक शिक्षकों को लंबे समय तक आंदोलन में डटे रहना देना चाहती है, ताकि आम आदमी का रहा सहा भरोसा भी सरकारी स्कूलों से पूरी तरह खत्म हो जाए और भविष्य में प्राईवेट स्कूल संचालकों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
छग सहायक शिक्षक फेडरेशन के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे होने के दौरान सीपीआई पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष दीपक प्रकाश, ब्लॉक अध्यक्ष मदन राठौर, गुलेंद्र पटेल, रामू सिन्हा, अखिलेश शुक्ला भूशण जाहीरे, खेमराज सिन्हा, हीना कश्यप, ललिता कोर्राम, मेहतूराम मरकाम, चमेली पाण्डे, पूनम तिवारी, नेमी पाण्डे, बलराम यादव, जयलाल मरकाम, पवन साहू सहित अन्य सहायक शिक्षकों से चर्चा की।


