कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 21 दिसंबर। जिलों में संचालित रेडी टू ईट पोषण आहार बनाने वाली स्वसहायता समूह के स्थान पर कृषि कल्याण बीज निगम को कार्य को वापस देने की मांग की।
ज्ञापन में बताया कि विगत 10-12 वर्षो से गुणवतायुक्त रेडी टू ईट पोषण आहार निमार्ण कर जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंन्द्रों में सफलतापूर्वक वितरण कर रहे हैं। जिसमें आज तक किसी भी प्रकार की शिकायत का मौका नहीं दिए हंै। सामग्रियों का मूल शासन के दरों से बाजार मूल्य अधिक होने के बावजूद भी स्वसहायता समूहों द्वारा नुकसान होते हुए भी सुचारू रूप से आंगनबाडियों में निश्चित तारीख तक का वितरण कर रहे हैं। आज तक शासन से मूल्य बढ़ाने हेतु कोई मांग नहीं की गई है।
कोण्डागांव जिले के कुल 55 स्वसहायता समूहों में कुल 550 महिलाएं कार्यरत हैं। छग शासन द्वारा केबिनट के बैठक में प्रस्ताव पास किसा गया कि रेटी टू ईट पोषण आहार निर्माण करने वाली स्वसहायता समूहों के कार्य को बंद कर स्वचलित मशीनों द्वारा निर्माण किया जाएगा। इस कार्य के लिए कृषि कल्याण एवं बीज निगम को टेंडर दिया जाएगा, इस तरह से शासन द्वारा महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा है।
महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने स्वयं के पूंजी लगाकर लाखों रुपए का मशीन लगाए हुए और कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बैंक से ऋण लिए हुए हैं। यदि उसके कार्य को छीन लिया जाता है तो बैंकों का ऋण कौन अदा करेगा? शासन कहती है कि महिलाओं को आगे बढ़ाएंगे और दूसरी तरफ से ही सरकार उनके कामों को छीन कर बेरोजगार कर रहे हैं जो कि हम महिलाएं के साथ घोर अन्याय हो रही है।
भाजपा शासनकाल में हजारों महिलाएं स्वसहायता समूह का गठन कर उन्हें सम्मान पूर्वक रोजगार दिला कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया। सभी महिलाओं को एवं महिला स्वसहायता समूह को योग्यता एवं दक्षता के अनुसार कार्य दिलाकर उन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन आज आपके सरकार द्वारा दिए हुए रोजगार को छिना जा रहा है। आज महिलाएं अपने आप को असुरक्षित एवं बेरोजगार महसूस कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में रेडी टू ईट पोषण आहार का कार्य चल रहा है इन 27 जिलों में 1500 सौ महिला स्व सहायता समूह संचालित हैं। स्व सहायता समूह में 10-15 महिलाएं कार्यरत हैं। इस तरह से कुल प्रदेश में कुल महिला स्व सहायता समूह में लगभग 25000 हजार महिलाएं कार्यरत हैं, जिसमें आज वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार उतने महिलाओं के परिवार के साथ अन्याय कर रही हैं। जब-जब सरकार महिलाओं को काम नहीं दिला सके तो उन्हें दिए गए कार्यों को छीनने का कोई अधिकार नहीं है । वर्ष 2009-10 से स्वसहायता समूह को रेडी टू ईट पोषण आहार बनाने का अनुभव भी है, इसके बावजूद शासन रेडी टू ईट पोषण आहार कार्य कृषि विभाग को दिया जा रहा है जो कि हमारे अनुभव एवं कुशलता की अनदेखी की जा रही है।
बैठक में महिला स्व सहायता समूह के स्थान पर कृषि कल्याण एवं बीज निगम को रेडी टू ईट पोषण आहार बनाने के लिए निर्णय लिया गया है, उसे तत्काल वापस लेकर महिलाओं के कार्यों को आगे बढ़ाने हेतु निर्णय लें की मांग को लेकर तीन दिवसीय धरना स्थानीय वीर नारायण सिंह वाटिका की चौपाटी मैदान में हजारों के तदात में स्वसहायता समूह की महिलाएं ने धरना दिया जा रहा है। धरना पश्चात महिलाएं रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा, व स्थानीय विधायक व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नाम ज्ञापन सौंपीा।


