कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 30 अगस्त। सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय आह्वान पर सिलगेर गोलीकांड में न्याय, पेसा कानून और पदोन्नति में आरक्षण जैसी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 19 जुलाई से आंदोलन कर रहा आदिवासी समाज अब सडक़ों पर उतर गया है। सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बंगाराम सोढ़ी के नेतृत्व में केशकाल व बड़ेराजपुर ब्लॉक के सैकड़ों की संख्या में सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने सोमवार को केशकाल नगर के विश्रामपुरी चौक में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर आर्थिक नाकेबंदी की है।
ज्ञात हो कि 19 जुलाई से 9 अगस्त तक सर्व आदिवासी समाज ने 21 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान केशकाल विधानसभा क्षेत्र के केशकाल, बड़ेराजपुर और फरसगांव ब्लॉक मुख्यालय में प्रदर्शन किया गया, लेकिन शासन प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं आने पर सोमवार से आर्थिक नाकेबंदी किी।
बरसते पानी में भी करते रहे मांग
सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को दोपहर से केशकाल नाका चौक में आर्थिक नाकेबंदी करने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में बैठ गए। रुक-रुक कर तेज बारिश होने के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। पानी गिरते समय भी लोगों ने झिल्ली तानकर एनएच पर ही प्रदर्शन करते रहे।
प्रतीकात्मक शव बनाकर किया प्रदर्शन
13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने 21 दिनों तक शासन प्रशासन के द्वारा कोई भी निर्णय नहीं आने को लेकर आर्थिक नाकेबंदी कर प्रदर्शन किए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री-विधायकों का प्रतीकात्मक शव बनाकर नारेबाजी भी की।
सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बंगाराम सोढ़ी का कहना है कि विगत 19 जुलाई से 9 अगस्त तक समूचे प्रदेश में सर्व आदिवासी समाज अपने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए थे। हमने कई बार आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण भी करवाया लेकिन भूपेश सरकार के कान में जूं तक न रेंगी। ततपश्चात विगत 4 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक हुई, जिसमें आर्थिक नाकेबंदी का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत आज केशकाल के विश्रामपुरी चौक में सर्व आदिवासी समाज द्वारा अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की शुरुआत कर दी गयी है। जब तक शासन प्रशासन हमारी 13 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करता है, हमारी यह आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी। इस दौरान केशकाल विधानसभा अंतर्गत सर्व आदिवासी समाज के समस्त पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे ।


