खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
गंडई, 24 मार्च। गंडई नगर धर्मनगरी के नाम से ख्याति प्राप्त कर रही है। जिसकी ख्याति आसपास के धार्मिक स्थलों से और बढ़ जाती है। इसकी इस ख्याति को चार चांद लगाने गंडई क्षेत्र के धार्मिक स्थलों पर लगातार गीत-कविता और जसगीत लिखे जा रहे हैं। साथ ही उसे यू-ट्यूब में रिलीज भी किया जा रहा है। मां नर्मदा के इतिहास और वर्तमान पर जसगीत भुरभुसी निवासी मिनेश साहू द्वारा लिखा गया है, जिसे इस नवरात्र पर्व पर रिलीज किया जाना है। मिली जानकारी के अनुसार गंडई नगर से करीब 4 किमी दूर स्थित ग्राम नर्मदा मां नर्मदा का उद्गम स्थल है, जिसे लेकर किवन्दित कहानियां है। 12 फरवरी 1802 ई में मां नर्मदा मंदिर की स्थापना हुई थी। उस दिन से आज तक माघ मास की पूर्णिमा को तीन दिवसीय मेला होता आ रहा है। साथ ही चैत्र और क्वांर नवरात्र पर्व पर बड़ी संख्या में विशेष ज्योति की स्थापना की जाती है। मां नर्मदा की विशेष लीला एवं किन्वदतियां प्रचलित कथाएं है। इसी रूप को जसगीत के रूप में भुरभुसी निवासी गीतकार मिनेश साहू द्वारा लिखा गया है। मिनेश ने बताया कि इस जसगीत की जानकारी एवं लिखने में लगभग 6 से 8 माह का समय लगा है।
मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट समिति द्वारा भी मां की महिमा की जानकारी प्राप्त हुआ। इस गीत को मुख्य स्वर युवा गायक कांति कार्तिक यादव दे रहे हैं। साथ ही संगीत बांसुरी वादक ओपी देवांगन द्वारा तैयार किया गया है।


