दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 22 जनवरी। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण), दुर्ग शहर एवं भिलाई नगर ने संयुक्त रूप से प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को शाही स्नान से रोके जाने, उनके साथ हुए दुव्र्यवहार तथा उनके शिष्यों पर हुए अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का हिंदू विरोधी और सनातन परंपराओं के प्रति असंवेदनशील चरित्र करार दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल व भिलाई नगर जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि खुद को हिंदुओं का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू धर्म के सर्वोच्च पीठाधीशों में से एक शंकराचार्य का अपमान कर रही है। हालात यह है कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और वे पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने अब तक उनसे संवाद करने का कोई प्रयास नहीं किया है। यह न केवल एक संत का अपमान है, बल्कि सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं का भी अपमान है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने इस अखंड धार्मिक परंपरा को तोडऩे का दुस्साहस किया है। न मुगलों ने और न अंग्रेजों ने कभी शाही स्नान जैसी परंपरा को रोका, लेकिन भाजपा सरकार ने ऐसा कर दिखाया। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा का सनातन प्रेम केवल दिखावा है।
दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 वर्षों से केंद्र में सत्ता में है और हिंदू धर्म के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन आज वही सरकार संतों के सम्मान को रौंद रही है। शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकडक़र घसीटा जाना, उनके साथ मारपीट किया जाना और पालकी तक ले जाने की अनुमति न देना अत्यंत निंदनीय है। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आरएसएस प्रमुख को जेड-प्लस सुरक्षा देने वाली सरकार को शंकराचार्य और उनके अनुयायियों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है?
भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि शंकराचार्य का अपराध केवल इतना है कि वे सरकार से सवाल पूछते हैं, अव्यवस्थाओं को उजागर करते हैं और अधूरी तैयारियों पर आपत्ति जताते हैं। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि भाजपा सरकार तत्काल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से संवाद करे, उनके सम्मान और सुरक्षा की गारंटी दे तथा शाही स्नान जैसी पवित्र और अखंड धार्मिक परंपराओं में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बंद करे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि संतों और सनातन परंपराओं का अपमान बंद नहीं हुआ तो पार्टी सडक़ों पर उतरकर आंदोलन करेगी।


