धमतरी

उर्वरक विक्रय में गड़बड़ी, दुकानों पर छापा, 3 लाइसेंस निलंबित, सैकड़ों बोरी खाद जब्त
15-Jun-2026 1:56 PM
उर्वरक विक्रय में गड़बड़ी, दुकानों पर छापा, 3 लाइसेंस निलंबित, सैकड़ों बोरी खाद जब्त

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 15 जून।
उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही में अधिकारियों ने कुरुद, मगरलोड और नगरी के विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर 859 बोरी रासायनिक उर्वरक एवं 700 बोरी जैविक खाद जब्त कर 3 उर्वरक लाइसेंस निलंबित किया है।
खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में उप संचालक कृषि, उर्वरक निरीक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केन्द्रों में छापामार कार्रवाई की गई। जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 3 उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 859 बोरी रासायनिक उर्वरक एवं 700 बोरी जैविक खाद जब्त की गई।

निरीक्षण के दौरान विकासखण्ड मगरलोड स्थित मेसर्स वंदना खाद भण्डार करेली छोटी में उर्वरकों का भण्डारण तो पाया गया, किन्तु किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय करने तथा कैश मेमो जारी नहीं करने की शिकायत सही पाई गई। तो संबंधित प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया तथा परिसर में उपलब्ध 269 बोरी यूरिया, 354 बोरी एनपीके एवं 236 बोरी डीएपी सहित कुल 859 बोरी उर्वरक जब्त किया गया।

कुरूद के मेसर्स चण्डी ट्रेडर्स एवं  किसान ट्रेडर्स में भौतिक सत्यापन के दौरान पॉस मशीन के रिकॉर्ड एवं वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही मूल्य सूची एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी निर्धारित बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं की गई थी। इस पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन प्रतिष्ठानों से उर्वरक विक्रय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

इसी प्रकार विकासखण्ड नगरी के पवार ट्रेडर्स बेलरगांव में बिना अनुमोदन के 600 बोरी जैविक खाद का भण्डारण पाया गया, जय किसान ट्रेडर्स बेलरगांव में 100 बोरी जैविक खाद मिली जिसे जब्त कर दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस बारे में धमतरी कलेक्टर ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री, स्टॉक छिपाना अथवा रिकॉर्ड में अनियमितता जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने  किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक व अन्य कृषि सामग्री खरीदते समय पक्का बिल प्राप्त करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा अधिक मूल्य वसूला जाता है या बिल देने से इंकार किया जाता है, तो इसकी सूचना कृषि विभाग, जिला प्रशासन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।


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