धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 3 जून। क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई के साधन उपलब्ध होने के कारण इस बार रबी फसल के लिए बांध का पानी नहीं देने के बावजूद कुरुद मंडी में धान की बंपर आवक हो रही है। जगह के अभाव में मंडी प्रशासन किसानों को धान विक्रय के लिए 1-2 दिन का इंतजार कराने विवश है। इस तरह की समस्या से मुक्ति के लिए मंडी बोर्ड ने नया शेड बनाने राशि स्वीकृत की है, लेकिन समय पर काम नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश की उत्कृष्ट मंडियों में शुमार कृषि उपज मंडी कुरुद पिछले महीने से गुलजार नजऱ आ रही है। यहां रोज रबी फसल का 20-25 हजार कट्टा धान की आवक हो रही है। वर्तमान में विभिन्न किस्म के धान का 1700 से 2600 रुपये तक का दाम मिल रहा है। इसलिए मंडी में कुरुद, मगरलोड, भखारा के अलावा धमतरी, नगरी, पाटन, अभनपुर क्षेत्र के किसान भी अपनी उपज बेचने पहुंच रहे हैं।
फिलहाल, यहां 8000 कट्टा क्षमता के 4 शेड बने हुए हैं। खरीदने के बाद व्यापारियों को धान उठाने में एक दिन का समय लग रहा है। बचे दो शेड में रोज अधिकतम 20 हजार कट्टा धान की ढेरी लगाने लायक जगह बन पा रही है।
वाहनों में धान भरकर धूप और बारिश में अपनी बारी का इंतजार करते मंडी के बाहर कतार लगा कर खड़े किसानों ने बताया कि मंडी में जगह की समस्या है, जब तक व्यापारियों के धान का उठाव नहीं हो जाता, तब तक उन्हें अपनी उपज रखने की जगह नहीं मिलती।
राखी, बगौद, मोंगरा, कातलबोड, परखंदा, मंदरौद के कुछ किसानों ने बताया कि शेड में जगह नहीं मिलने पर उन्हें खुले में धान रखना और बारिश से बचाने तिरपाल के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। हर बरस होने वाली इस समस्या का समाधान करने मंडी बोर्ड ने नया शेड बनाने की मंजूरी दी है। लेकिन संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार की लापरवाही के चलते शेड निर्माण का काम कछुआ गति से चल रहा है। जिसका खामियाजा हम किसानों को उठाना पड़ रहा है।
इस बारे में मंडी सचिव राजकुमार रात्रे का कहना है कि क्षमता से अधिक आवक होने से जगह की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसके समाधान के लिए हमने शनिवार, रविवार छुट्टी के दिनों में भी मंडी का काम जारी रखा, ताकि किसानों को राहत मिल सकें, नया शेड तैयार होने के बाद इस तरह की परेशानी नहीं होगी।


