धमतरी

महीने भर बाद भी किसानों को नहीं मिला चना विक्रय का साढ़े 5 करोड़
14-Apr-2026 6:24 PM
महीने भर बाद भी किसानों को नहीं मिला चना विक्रय का साढ़े 5 करोड़

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 14 अप्रैल। किसानों की आय दोगुनी करने सरकार तरह तरह के जतन कर रही है, लेकिन संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के चलते समय पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुरुद क्षेत्र की दो सोसाइटियों में अब तक समर्थन मूल्य में साढ़े नौ हजार क्विंटल चना की खरीदी हो चुकी है। लेकिन उठाव नहीं होने से किसानों का साढ़े पांच करोड़ रुपये का भुगतान नही हो पा रहा है।

गौरतलब है कि सरकार ने खरीफ फसल में उत्पादित दलहन तिलहन फसलों को सहकारी समितियों के माध्यम से खरीदने का निर्णय लिया है। इसके लिए नेफेड को क्रय एजेंसी बनाया गया। धमतरी जिला प्रशासन ने इस बार कुरुद क्षेत्र की दो सहकारी समिति कातलबोड और कुरुद में किसानों से चना खरीदने के लिए नेफेड को क्रियांवयन एजेंसी बनाया है। शुरुआत में चना खरीदने के लिए कुछ कर्मचारियों द्वारा ग्रेडिंग के नाम पर अवैध उगाही करने की शिकायत होने लगी। जिसको लेकर किसानों ने जमकर हंगामा मचाया, तब कहीं जाकर व्यवस्था में सूधार आया। लेकिन अब किसान अपनी फसल का दाम पाने बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।

कुरुद सोसाइटी प्रबंधक त्रिलोचन बांसकार ने बताया कि 23 मार्च से 13 अप्रैल तक 362 किसानों से 5526 क्विंटल से अधिक चना की खरीदी हो चुकी है। लेकिन उठाव नहीं होने से 3 करोड़ 28 लाख रुपये का भुगतान नही हो पा रहा है। इसी प्रकार कातलबोड सोसायटी प्रबंधक शिवनंदन बैस ने बताया कि उनके यहां  312 किसानों से 2 करोड़ 20 लाख से अधिक का 3897 क्विंटल चना खरीदा गया है। लेकिन उठाव के आभाव में उन्हें रखरखाव और सुखत की समस्या से जुझना पड़ रहा है। इस संबंध में कॉपरेटिव बैंक कुरुद शाखा प्रबंधक टिकेन्द्र बैस का कहना है कि शासन के आदेशानुसार 1 मार्च से चना खरीदने का काम शुरू किया गया है। एक महिना बाद भी किसानों के खाते में भुगतान जमा नहीं हुआ है। हमने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी भेज दी है। विपणन संघ को भी जल्द उठाव के लिए पत्र लिखा गया है।


अन्य पोस्ट