धमतरी

मानस गान से गांव-गांव में होता है आध्यात्मिक चेतना का उदय-नीलम
13-Apr-2026 2:51 PM
मानस गान से गांव-गांव में होता है आध्यात्मिक चेतना का उदय-नीलम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 13 अप्रैल। अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का आमंत्रण स्वीकार विभिन्न गाँवों के दौरे पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर ने अपनी आध्यात्मिक समझ और राजनीतिक ज्ञान को अपने विचारों में ढाल ग्रामीणों के समक्ष पेश किया। लोगों ने भी उनकी बातें सुन तालियाँ से हौसला अफज़़ाई की।

रविवार को कुरुद विधानसभा के ग्राम उमरदा, परखंदा, सिरसिदा मे आयोजित मानसगान प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नीलम चंद्राकर ने कहा कि मानस गान प्रतियोगिता से गाँव-गाँव में आध्यात्मिक चेतना एवं संस्कारों का उदय होता है। जिससे समाज को मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चलाए गए राम वन गमन पथ का उल्लेख करते हुए बताया कि भूपेश सरकार नें भगवान श्रीराम के वनवास काल के दौरान छत्तीसगढ़ में उनके बिताए गए समय और स्थानों को चिन्हित कर उन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य किया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में भगवान राम के ननिहाल कौशल राज्य के महत्व को दर्शाती है। यह सर्किट धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा था। इसके अलावा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार नें रामायण प्रतियोगिता को बढावा देकर विलुप्त होती परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर मंच देने का कार्य किया था। जिसमें अब विराम लग गया है।

इस अवसर पर सुमेरी साहु, नरेन्द्र ढीढी, लवकुश साहू, पुनम साहू, सुबोध झा, टीकम साहू, रामरतन साहू, भूपेंद्र पटेल, मनोज साहू, ओमप्रकाश पटेल, नानक सिन्हा, लोचन यादव, भैयाराम ध्रुव, नारायण, एवन पटेल, तेजराम, सिवन निषाद, राजाराम ध्रुव, ललिता, दुलेश पटेल, चंद्रिका साहू, ललित निषाद, दुर्गा, रुक्मणी, शैल निषाद, सुनीता साहू, दुलारी, डिगेश्वरी साहू, हेमबाई पटेल सहित ग्रामीणजन एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।


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