दन्तेवाड़ा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दंतेवाड़ा, 8 जून। दंतेवाड़ा जिले में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने जिला खनिज न्यास निधि की महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय में सोमवार को आयोजित की गई। इस दौरान सांसद, बस्तर, महेश कश्यप द्वारा बैठक में विशेष मार्गदर्शन किया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाई) के नवीन दिशा-निर्देशों, वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों तथा जिले में डीएमएफ निधि से संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद श्री कश्यप ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि तथा पशुपालन सृजन जैसे जनहित के क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
सांसद ने जिले को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उत्पादन लागत कम करने तथा उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से डीएमएफ मद अंतर्गत संचालित विकास कार्यों, स्वीकृत योजनाओं एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के नवीन निर्देशों से शासी परिषद के सदस्यों को अवगत कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के अंतर्गत पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता, कौशल विकास, कृषि एवं पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 564 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि 514.59 करोड़ रुपये है। इनमें से 102.24 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसी प्रकार अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास से संबंधित 332 कार्यों के लिए 105.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17.33 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस प्रकार वर्ष 2025-26 में कुल 896 कार्यों के लिए 620.06 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 119.58 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 265 कार्यों हेतु 79.63 करोड़ रुपये तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 100 कार्यों हेतु 23.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार कुल 365 कार्यों के लिए 103.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 8.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस वर्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, पेयजल तथा कौशल विकास संबंधी योजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने बैठक में अप्रारंभ, प्रगतिरत एवं पूर्ण कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्ष 2016-17 से लेकर 2025-26 तक जिले में कुल 10,221 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 7,838 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 1,856 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं तथा 354 कार्य अप्रारंभ की श्रेणी में हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित एवं अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने तथा प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएमएफ द्वारा वर्ष 2016-17 से 2026-27 तक संपादित कार्यों का वित्तीय विवरण भी प्रस्तुत किया गया। उक्त अवधि में कुल 2,474 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 2,409 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय की जा चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना, कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा आजीविका संवर्धन जैसे क्षेत्रों में डीएमएफ निधि से व्यापक विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनका लाभ जिले के दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मिल रहा है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि डीएमएफ निधि का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
बैठक में विधायक चैतराम अटामी, नंदलाल मुड़ामी, अरविंद कुंजाम, पालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, सुनीता भास्कर, पुलिस अधिक्षक गौरव राय, जयंत नाहटा और डीएफओ रंगानाधा प्रमुख रूपसे मौजूद थे।


