दन्तेवाड़ा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दंतेवाड़ा, 12 जनवरी । जिला प्रशासन द्वारा सड़क हादसों को रोकने विशेष बैठक सोमवार को आयोजित की गई। इस दौरान सड़क सुरक्षा संबधी कानूनों के क्रियान्वयन को तवज्जो दी गई।
बैठक में राहत - पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई । कलेक्टर देवेश ध्रुव ने नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को हर संभव मदद देने निर्देश दिए। उन्होंने नक्सल पीडि़त परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति जांची और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता देने को कहा। इसके अतिरिक्त, साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के तहत छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण के दौरान स्टायपेण्ड और पीडि़त परिवारों के डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
कानून व्यवस्था के आधुनिकीकरण और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बैठक में विशेष फोकस रहा। अधिकारियों ने ई-साक्ष्य संकलन, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली, एसएमएस के जरिए समन भेजने और 60 से 90 दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर चालान पेश करने की अनिवार्यता पर प्रस्तुतिकरण दिया। कलेक्टर ने एनआईए प्रकरणों में समय सीमा के भीतर अभियोजन स्वीकृति और 'न्याय श्रुति योजनाÓ के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्षों की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मेडलीएपीआर ऐप पर एमएलआर और पीएमआर की शत-प्रतिशत ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की बात कही गई।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को सभी सड़कों का 'सेफ्टी ऑडिटÓ जल्द पूरा करने और ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और एंबुलेंस में जीपीएस ट्रैकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्घटना पीडि़तों को कैशलेस और त्वरित उपचार मिल सके। वहीं, शिक्षा विभाग को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा की गई। इसमें नशामुक्ति, पुनर्वास और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की कार्ययोजना पर विचार हुआ। पुलिस और परिवहन विभाग ने भी अपनी कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का ब्यौरा पेश किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय, राजेश पात्रे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री बर्मन प्रमुख प्रमुख रूप से मौजूद थे।


