दन्तेवाड़ा

खेल मैदान पर हेलीपैड निर्माण, बवाल
03-Mar-2026 5:37 PM
खेल मैदान पर हेलीपैड निर्माण, बवाल

ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बचेली, 3 मार्च। ग्राम पंचायत बड़े बचेली में हाई स्कूल के खेल मैदान पर प्रस्तावित कंक्रीट हेलीपेड निर्माण को लेकर माहौल गर्म हो गया है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच खींचतान लगातार तेज होती जा रही है। सोमवार को सरपंच गोविंद कुंजाम, उपसरपंच महेश ठाकुर तथा अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि मैदान को पूर्व स्थिति में बहाल करते हुए मिट्टी से समतल किया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि हेलीपेड निर्माण की प्रक्रिया ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना और बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के शुरू की गई, जो स्थानीय जनभावनाओं की अनदेखी है। उनका कहना है कि यही गांव का प्रमुख और एकमात्र बड़ा खेल मैदान है, जहां बच्चे नियमित रूप से खेलकूद करते हैं और भविष्य में इसे मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की योजना भी थी। ऐसे में मैदान के बीच कंक्रीट ढांचा खड़ा करना युवाओं के हितों के खिलाफ है।

सरपंच गोविंद कुंजाम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि हेलीपेड बनाना आवश्यक है तो इसके लिए अन्य शासकीय भूमि का चयन किया जाए। खेल मैदान को स्थायी रूप से कंक्रीट से ढकना गांव के लिए स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आसपास अन्य जमीन उपलब्ध होने के बावजूद बिना सहमति कार्य प्रारंभ कर दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो सरपंच सहित सभी वार्ड पंच सामूहिक इस्तीफा देंगे और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों ग्रामीण मैदान पर एकत्र होकर विरोध दर्ज करा चुके हैं, जिसके चलते निर्माण कार्य फिलहाल रुक गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में सडक़, पेयजल, बिजली और भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं की प्राथमिक आवश्यकता है, न कि हेलीपेड। एयरपोर्ट या अन्य बड़े प्रोजेक्ट के संभावित प्रस्तावों को भी ग्रामीणों ने नकार दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता, ग्रामसभा की सहमति और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दिए जाने की मांग कर रहे हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं निकाला, तो यह विवाद बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।


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