दन्तेवाड़ा
दंतेवाड़ा, 8 जनवरी। जिला प्रशासन द्वारा समय सीमा की बैठक संयुक्त जिला कार्यालय के मंगलवार को संपन्न हुई। इस दौरान कलेक्टर देवेश ध्रुव नें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणाओं को अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निदान के निर्देश दिए।
कलेक्टर नें मानव अधिकार आयोग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की हस्ताक्षरित जानकारी समय-सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। साथ ही आम नागरिकों से जुड़े सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान आवारा मवेशियों एवं आवारा कुत्तों की समस्या तथा मुक्तिधाम से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठानें के निर्देश दिए। कोटपा अधिनियम के अंतर्गत जिले में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री ध्रुव ने सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू नियंत्रण कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर द्वारा पुनर्वास केन्द्रों की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
उन्होंने पुनर्वास केन्द्रों का साप्ताहिक निरीक्षण करने, वेलकम किट एवं टूल किट की समुचित उपलब्धता, भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता, पात्र हितग्राहियों को छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान, परिवार के सदस्यों से मुलाकात की व्यवस्था, मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) को अद्यतन करने तथा शैक्षणिक भ्रमण एवं खेल-कूद नियमित आयोजन के निर्देश दिए।
आत्मसमर्पित हितग्राहियों की समीक्षा
कलेक्टर ने नक्सल पीडि़त एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विभागवार योजनाओं के सैचुरेशन की समीक्षा की। साथ ही नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत संचालित योजना एवं निर्माण कार्यों, मॉडल स्कूल, मॉडल आंगनबाड़ी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की गई।
वेटलैंड भूमि के सीमांकन उपरांत जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कर राज्य शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने, भूमि बैंक के गठन हेतु समिति निर्माण तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि चिन्हांकन की समीक्षा की गई। कलेक्टर नें आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, बैंक खाता, प्रधानमंत्री आवास की समीक्षा की गई।
बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा देयक भुगतान की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा और अपर कलेक्टर राजेश पात्रे प्रमुख रूप से मौजूद थे।


