दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 20 दिसंबर। जिला प्रशासन द्वारा चितालंका स्थित बाईपास पुल के अवशेष का शनिवार को गहन जायजा लिया गया। उक्त पुल बाढ़ की चपेट में आकर बह गया था। इस दौरान कलेक्टर देवेंद्र ध्रुव ने अधिकारियों से पुल की वर्तमान स्थिति, क्षति के कारणों तथा प्रस्तावित नवीन पुल निर्माण योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चितालंका बाईपास मार्ग पर नवीन पुल निर्माण कार्य की डीपीआर शीघ्र तैयार कर प्रशासकीय स्वीकृति हेतु प्रेषित करने के निर्देश दिए। इस वर्ष आई बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जलस्तर की समुचित गणना कर उसी के अनुरूप डीपीआर तैयार की जाए।
श्री ध्रुव ने इसके साथ ही गीदम - बांगाबाड़ी बाईपास मार्ग पर डंकनी नदी पर निर्माणाधीन पुल कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उक्त पुल का निर्माण कार्य जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण एवं औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए पुल निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण अवधि के दौरान वैकल्पिक आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षित डायवर्सन मार्ग तैयार किया जाए। जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वन भूमि संबंधित आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को नियमानुसार शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
बालोद में धान खरीदी का जायजा
कलेक्टर ने बालूद स्थित धान खरीदी केन्द्र का जायजा लेते हुए उपस्थित कर्मचारियों से धान उपार्जन केंद्र में आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ अब तक हुए धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली। किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
चिकपाल-प्रतापगिरी सडक़ निर्माण
इसके पश्चात श्री ध्रुव ने कटेकल्याण विकासखंड अंतर्गत चिकपाल से प्रतापगिरी तक प्रस्तावित सडक़ निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ निर्माण हेतु सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को आगामी तीन माह पूर्ण कर लिया जावें।
इसके तहत ग्राम सभा से एनओसी तथा वन विभाग अतंर्गत पेड़ कटाई संबंधी प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व नव सडक़ निर्माण कार्य में पर्याप्त प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री ध्रुव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटेकल्याण का भी निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया ।उन्होंने यहां चिकित्सा स्टाफ को सामुदायिक केन्द्र के चिकित्सा संबंधी प्राथमिक आवश्यकताओं का प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने चिकित्सा एवं दवाइयों पंजी,रजिस्टर के संधारण के लिए विशेष रूप जोर दिया।


