दन्तेवाड़ा
श्रमिक मुद्दों पर निर्णय की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बचेली/किरंदुल, 3 दिसंबर। एनएमडीसी के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी के किरंदुल प्रवास के दौरान 1 दिसम्बर को संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इसमें श्रमिक-हित से जुड़े कई मामलों में निर्णय लेने का अनुरोध किया।
संघ के सचिव राजेश संधू के अनुसार, संगठन उत्पादन और कार्यस्थल के वातावरण को लेकर प्रबंधन के साथ सहयोग करता रहा है, लेकिन कुछ मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं जिन पर निर्णय अपेक्षित है।
वेतन समझौता पांच वर्ष से लंबित
संगठन ने कहा कि वेतन समझौता अब तक प्रभावी नहीं हुआ है। यह समझौता 5 वर्ष के लिए प्रस्तावित था, जिसमें से 4 वर्ष पूरे होने वाले हैं।
कॉर्पोरेट स्तर की द्विपक्षीय बैठक में दिए गए आश्वासन के आधार पर प्रबंधन द्वारा 75 प्रतिशत राशि का भुगतान दिवाली पूर्व किया गया था। संगठन ने इसके लिए प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्ष 2022 से लंबित वेतन समझौते को लागू किया जाए।
वेस्ट माइनिंग से जुड़ा मामला
संघ ने कहा कि वेस्ट माइनिंग और उससे संबंधित कार्य के बारे में प्रबंधन ने संगठन से पर्याप्त चर्चा नहीं की। संगठन का कहना है कि ऐसे कार्य समझौते के उपरांत किए जाने चाहिए।
ठेका श्रमिकों से जुड़े मुद्दे
संघ ने बताया कि ठेका श्रमिकों से संबंधित समझौता वर्ष 2019 में पांच वर्ष के लिए हुआ था, जो अप्रैल 2024 से लंबित है। संगठन का आग्रह है कि इस विषय पर द्विपक्षीय बैठक शीघ्र बुलाई जाए।
भर्ती प्रक्रिया और अन्य मांगें
संगठन ने एनएमडीसी में फील्ड अटेंडेंट एल 1 और मेंटेनेंस असिस्टेंट (ऑटो) की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया।
साथ ही एलओपी संबंधी बैठक आयोजित कर नियम निर्धारित करने की मांग भी रखी।
संघ ने कहा कि हैदराबाद और विशाखपट्नम की तरह रायपुर के लिए भी बस सेवा उपलब्ध कराई जाए, जिससे कर्मचारियों को चिकित्सा और बच्चों की पढ़ाई के लिए सुविधा मिल सके।


