दन्तेवाड़ा

जलवायु परिवर्तन से शिक्षा प्रभावित
08-Aug-2023 2:47 PM
जलवायु परिवर्तन से शिक्षा प्रभावित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 8 अगस्त।
जिला शिक्षा विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन, वॉश, जल संरक्षण, और वृक्षारोपण पर शिक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण गत दिनों संपन्न हुआ। 
जिला शिक्षा कार्यालय के कस्तूरबा सभा कक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में बताया गया कि जलवायु परिवर्तन से आई आपदाओं का शिक्षा के क्षेत्र पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीके से गहरा असर पड़ता है। मौसम के बदलाव सीधे स्कूल और शिक्षण सामग्री को तबाह कर देते हैं। यही नहीं स्कूल तक पहुंचने वाली सडक़ों की क्षति भी बच्चों से स्कूल की दूरी की एक वजह बनती है। दूर-दराज के क्षेत्र में रहने वाले बच्चों का तेज हवा, भारी बारिश की वजह से सडक़ से संपर्क खत्म हो जाता है। जलवायु परिवर्तन का असर विद्यालयों की वॉश सुविधाओं पर भी प्रमुख रूप से पड़ता है, जिससे बच्चों को इसका दुष्प्रभाव झेलना पड़ता है। अशुद्ध जल और स्वच्छता की कमी के कारण बच्चों का शारीरिक और मानसिक वृद्धि में कमी आ जाती है, जो स्कूलों में उनके प्रदर्शन को प्रभावित करता है। आज भी सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कई बच्चे हर दिन लंबे समय तक पानी इक_ा करने में व्यस्त रहने के कारण स्कूल में अनुपस्थित हो जाते हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से सबसे गरीब और सबसे वंचित बच्चे अधिक पीडि़त हैं। 

वक्ताओं ने इसके समाधान के संबंध में बताया कि व्यक्तिगत और विद्यालय स्तर पर हम पहल कर बेहतर वॉश सुविधाओं के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल बनाने हेतु प्रयास कर सकते हैं। वाटर बजट और ट्री ऑडिट गतिविधि के माध्यम से जल संरक्षण और पेड़  लगाकर विद्यालय को हरा-भरा बना सकते हैं। जल संरक्षण के महत्व को समझने के लिए विद्यालय में एक दिन में विभिन्न गतिविधियों पर कितना पानी खर्च होता है इसका विद्यालय के दर्ज संख्या के अधर पर जल लेखा परीक्षा के माध्यम से बच्चो को बताया जा सकता है। 

विद्यालय में भोजन करने और भोजन बनाने से पहले, कचरे को संभालने के बाद और शौचालय के उपयोग के बाद 40 सेकंड तक साबुन से हाथ धोने से दस्त को लगभग 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा विद्यालय में माहवारी स्वच्छता और प्रबंधन  पर जानकारी जागरूकता अति आवश्यक है, जब लड़कियों के पास स्कूल में सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय और पानी की सुविधा होती है, तो मासिक धर्म के दौरान उनके स्कूल छूटने की संभावना कम होती है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी दंतेवाड़ा प्रमोद ठाकुर और जिला मिशन समन्वयक एसएल सोरी, जिला समन्वयक सुरेश कुमार अनंत और जिला एम. आई. एस. प्रशासक भवानी मांझी मुख्य रूप से मौजूद थे।


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