सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा, शिक्षक संघ व फेडरेशन ने दिया आंदोलन को समर्थन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 20 फरवरी। पूर्व सेवा गणना शिक्षक मोर्चा के बैनर तले जिले के सैकड़ों शिक्षक अम्बिकापुर में नियुक्ति तिथि से पेशन की मांग को लेकर धरना पर बैठे, साथ ही मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक हरेंद्र सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज मोर्चा के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर प्रदेश के समस्त जिलों में लाखों शिक्षक हड़ताल में बैठे हुए हैं। सबको केवल एक ही चिंता है, पुरानी पेंशन नियुक्ति तिथि से नहीं मिलता है तो हमारे संवर्ग के बहुत सारे साथी पेंशनविहीन हो जाएंगे।
सरकार का पुराना पेंशन एक तरह पेंशन के नाम पर छलावा ही सिद्ध होगा। हम 1998 से सेवा दे रहे हैं और अब पेंशन देते समय 2018 की बाध्यता कर दी गई है। हमारे जो भी साथ 2028 तक सेवानिवृत्त होंगे, उनको पेंशन की पात्रता नहीं होगी। इसी तरह 2018 के बाद 10 साल सेवा होने पर न्यूनतम पेंशन सात हजार रुपये के लगभग ही होगा। हम अपने बुढ़ापे के लिए एक सम्मानजनक पेंशन की मांग कर रहे हैं, ताकि पूरी उम्र भर सेवा देने के बाद बुढ़ापा भी ठीकठाक गुजर जाए।
मोर्चा के प्रांतीय पदाधिकारी सुनील सिंह ने कहा- हम संघर्ष की प्रतिमूर्ति है। हमने संघर्ष से ही सभी कुछ पाया है। सुनील सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व विभागीय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। साथ ही हमने वाले 15 से 19 फरवरी तक समस्त विधायकों से समर्थन मांगा है। प्रदेश के मंत्री व विधायकों ने हमारी मांगों का समर्थन किया है। हमें उम्मीद है हमारी मांगों के संदर्भ में जल्द निर्णय आएगा, और यदि सरकार हमारी हितों का ध्यान नहीं रखती है आने वाले समय मे प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा।
मोर्चा के जिला संयोजक मनोज वर्मा ने कहा कि सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। आज जिला मुख्यालय में जिले मुख्यालय में पुरानी पेंशन नियुक्ति तिथि से मांग को लेकर बैठे है। आज पूरे जिले के स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति है। सरकार को इस तालाबंदी से समझ जाना चाहिए कि शिक्षकों में कितना आक्रोश है। मुख्यमंत्री को संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नियुक्ति तिथि से पेंशन की घोषणा करें, साथ ही पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा को 33 वर्ष के जगह पर 20 वर्ष किया जाए। सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति को दूर किया जावे। इसके साथ ही पूर्व सेवा अवधि के आधार पर जनघोषणा पत्र के अनुसार क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किया जाए।
मनोज वर्मा ने कहा कि विकल्प पत्र भरने की अवयवहारिक समय सीमा तय किया गया है उसे 3 माह किया जाए। मनोज वर्मा ने कहा कि हमारी पांच सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करना पड़ेगा ।
मोर्चा के जिला संयोजक सर्वजीत पाठक ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए ओपीएस और एनपीएस की बारीकियों से अवगत कराया। साथ ही सरकार से मांग करते हुए कहा कि हमारे बुढापे के सहारे के साथ धोखा न करें। जब हमारा प्रमोशन व संविलियन में नियुक्ति तिथि देखा गया तो अब पेशन में नियुक्ति तिथि क्यों नही देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक साथी किसी भी तरह विकल्प पत्र भरने में जल्दबाजी न करें। सरकार को पहले विसंगतियों को दूर कर हमें नियुक्ति तिथि से पेशन देना होगा।
ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि शासकीय स्कूलो में गांव , गरीब , किसान के बच्चे पढ़ते हैं। और सरकार बार बार विसंगति पूर्ण निर्णय लेकर इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। हम पढाना चाहते हैं पर सरकार ही हमें आंदोलन के लिये बाध्य कर रही है।इस दौरान सभा को भरत सिंह, स्नेहलता पाठक , कंचनलता श्रीवास्तव , रणबीर सिंह काजेश घोष, सहित अन्य शिक्षकों ने सम्बोधित किया । सभा का संचालन शुशील मिश्रा ने किया।
शिक्षकों मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने सभा स्थल में सिदार्थ चौहान नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व विभागीय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सभा स्थल पर शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष ओंकार सिंह व फेडरेशन के पदाधिकारी कौशलेंद्र पांडेय, अजित सिंह, सतीश तिवारी ने आंदोलन को समर्थन दिया। शिक्षक संघ व फेडरेशन ने कहा कि आप अपनी लड़ाई में डटे रहें हम आपके साथ है।
इस अवसर पर हरेंद्र सिंह , सुनील सिंह, ऋषिकेश उपाध्याय, भरत सिंह,विनीता सिंह,अमित सिंह, अरविंद सिंह, रामबिहारी गुप्ता, काजेश घोष, राजेश गुप्ता, लव गुप्ता, प्रदीप राय, संजय चौबे ,कंचनलता श्रीवास्तव, अनिल तिग्गा, करण सिंह जोगी,राजेश सिंह, रोहिताश शर्मा, प्रशांत चतुर्वेदी, नाजिम खान ,राकेश दुबे, परमानंद गुप्ता,सुरित राजवाड़े संजीव सिंह , रणबीर सिंह , सुशील मिश्रा, रमेश यागिक , जवाहर खलखो, अमित सोनी, लखन राजवाड़े, राकेश पांडेय, रामलखन सिंह, महेश यादव , मोजसम खान, भूपेंद्र सिंह , हरीश श्रीवास्तव,अरविंद राठौर सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।