सरगुजा
माइनिंग व पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद खुलासा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 20 फरवरी। खरसिया के आरकेएम प्लांट में सिंगरौली दूधिचुआ के खदान से जाने वाला लिंकेज का कोयला सरगुजा सहित अन्य बाजारों में खपाया जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के निर्देश पर मणिपुर थाना व माइनिंग विभाग की संयुक्त कार्रवाई में कोयले की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्र बताते हैं कि कुछ ट्रांसपोर्टर, डिपो संचालक व ट्रक मालिक के सिंडिकेट ने दूधिचुआ खदान से पहले डियो में आबंटित अब तक 30 हजार टन कोयले की कालाबाजारी में लगभग 12 करोड़ का गेम कर लिया है।
मामले में अभी तक पुलिस ने ट्रक मालिक शिवनारायण अग्रवाल व मुंशी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। कोयले इस बड़े खेल में कुछ और ट्रांसपोर्टर व डिपो संचालक का नाम भी सामने आ रहा है जिसकी जांच चल रही है।
मणिपुर थाना पुलिस के अनुसार 19 फरवरी को नगर से लगे भिट्टीकला स्थित साहिल ईट भ_े से पुलिस व माइनिंग विभाग द्वारा कोयले से लोड एक ट्रक को जब्त किया गया था। जांच में पता चला कि उक्त कोयला सिंगरौली दूधिचुआ खदान से निकला था, जिसे कोरबा के ट्रांसपोर्टर के द्वारा आरकेएम पावर प्लांट खरसिया पहुंचाना था।
ज्ञात हो कि आरकेएम पावर प्लांट को दूधिचुआ खदान से जी 11 ग्रेड का कोयला अलाट हुआ है। वाहन मालिक शिवनारायण अग्रवाल की ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीसी 6300 में कोयला दूधिचुआ खदान से 16 फरवरी को लोड होकर निकला था। यही ट्रक 17 फरवरी को सोनगरा में ब्रेक डाउन हो गया। 18 फरवरी की शाम को नगर के बिलासपुर चौक सूर्या मोटर में गाड़ी लोड हालत में खड़ी मिली थी, जिसकी पुष्टि खनिज विभाग द्वारा गांधीनगर बेरियर से भी की गई।
19 फरवरी को गाड़ी मालिक द्वारा एक कोल व्यवसायी जिसका कोल डिपो बटवाही में बताया जा रहा है उससे कुछ पेपर लिया।उसने अपने डिपो के नाम से ईट भट्टे के नाम पर फर्जी पीट पास बनाकर उक्त ट्रक को ईट भ_ा में भेजा।
19 फरवरी को ही दोपहर पुलिस व माइनिंग विभाग ने ट्रक को ईट भट्टे से जब्त कर लिया। पुलिस ने गाड़ी मालिक पर अपराध दर्ज कर लिया है ,परंतु अभी तक इस बड़े हेराफेरी में सामने आ रहे ट्रांसपोर्ट व डिपो संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है।
कोयला पहुंचा नहीं और पावती भी करा ली
कोयले की इस बड़ी कालाबाजारी व हेराफेरी में बड़ी बात यह भी सामने आई है कि दूधिचुआ खदान से निकलकर खरसिया आरकेएम पावर प्लांट पहुंचने की पावती 18 फरवरी को ही वाहन मालिक शिवनारायण अग्रवाल के द्वारा ऊपर ही ऊपर करा ली गई। वही ट्रक कोयले से लोड अंबिकापुर के ईट भ_ा से बरामद की गई। 18 फरवरी को उक्त ट्रक के खरसिया पावर प्लांट पहुंचने की पावती दर्ज की गई है, जबकि 18 फरवरी की शाम उक्त ट्रक अंबिकापुर नगर में सूर्या मोटर्स में खड़ी थी जिसकी पुष्टि खनिज विभाग ने की है।
सस्ता कोयला व गिट्टी में
मोबिल मिलाकर भेज रहे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बड़े खेल में उच्च ग्रेड का कोयला स्थानीय स्तर पर खपा कर इन सभी के सिंडिकेट द्वारा घटिया सस्था कोयला व गिट्टी में मोबिल मिक्स कर आरकेएम पावर प्लांट भेजा जा रहा है। वृहद स्तर पर इसकी जांच से सारे तथ्य सामने आ सकते हैं।
आरक्षित दर में कोल लिंकेज आबंटित
केंद्र सरकार द्वारा बिजली की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो इसके लिए पावर प्लांटों को आरक्षित दर में कोल लिंकेज आबंटित किया जाता है, उसी योजना के तहर सस्ते दर में मिले कोल को ट्रांसपोर्ट और पावर प्लांट के कर्मचारियों के द्वारा मिली भगत कर खुले बाजार में कोयले को बेचा जा रहा है। यह आरोप काफी समय से लगते आया है, लेकिन पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश के बाद कल की कार्रवाई से इस आरोप की पुष्टि हुई है। सरगुजा संभाग में लिंकेज कोल के हेरा फेरी में लगे कोल व्यवसायियों में हडक़ंप मचा हुआ है।






