सरगुजा
शिक्षकों की हड़ताल आज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,19 फरवरी। एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए एनपीएस-ओपीएस को लेकर आ रही भ्रांतियों को दूर करने एवं नियमों से अवगत कराने के उद्देश्य को लेकर पूर्व सेवा गणना शिक्षक मोर्चा जिला सरगुजा के तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन मल्टीपरपज स्कूल के सभाकक्ष में हुआ।
इस कार्यशाला में अतिथि विशेषज्ञ के रूप में अनिल सिन्हा वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी ,जिला सरगुजा, रमाकांत राय एकाउंट आफिसर, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के संभागीय कार्यालय राजपुर, संतोष सिंह, जिला कोषालय अधिकारी बलरामपुर द्वारा एनपीएस /ओपीएस से जुड़े नियमावली पर अपना व्याख्यान देते हुए अंतर स्पष्ट किया।
कार्यशाला में शिक्षक एलबी संवर्ग के साथियों ने निर्णय लिया कि यदि सरकार प्रथम नियुक्ति तिथि से हमारी सेवा गणना नहीं करती और शपथ पत्र में उल्लेखित कंडिका को संगठन द्वारा दर्ज किए गए आपत्तियों का निराकरण नहीं करती तो हम इसके खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
इसी तारतम्य में 20 फरवरी को जिला मुख्यालय स्थित अंबिकापुर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है जो एसबीआई कलेक्ट्रेट शाखा अम्बिकापुर के सामने के सामने धरना स्थल निर्धारित किया गया है। धरना सुबह 10.30 से 4 बजे तक देने के बाद मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंप समाप्त किया जाएगा, सभी शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहते हुए धरना में शामिल होंगे।
श्री सिन्हा ने ओपीएस के प्रावधानों के तहत कर्मचारियों को होने वाले लाभ से अवगत कराते हुए बताया कि शासकीय सेवक के नियुक्ति उपरांत ओपीएस में न्यूनतम 12 प्रतिशत की दर से अभिदान की कटौती अनिवार्य होती है जबकि एनपीएस में कर्मचारियों की मूल वेतन एवं महंगाई भत्ता का 10 प्रतिशत कर्मचारियों का अंशदान तथा 14 प्रतिशत नियोक्ता का अंशदान अनिवार्य होता है।
सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को ओ पी एस के अंतर्गत 9 वर्ष 9 माह की सेवा उपरांत पेंशन की पात्रता होती है ग्रेजुएटी, अवकाश नकदीकरण, जी आइ एस, कूल सेवा के अनुपातिक पेंशन देय होता है जबकि एनपीएस में कर्मचारियों को उसके अंशदान एवं नियोक्ता के कुल अंशदान को एनएसडीएल के माध्यम से बाजार आधारित योजना अनुसार लाभांश प्राप्त होता है 60 वर्ष सेवानिवृत्ति के उपरांत लाभांश का भुगतान 60- 40 के अनुपात में अर्थात कुल राशि का 60प्रतिशत नगरीकरण के रूप में प्राप्त होता है शेष 40प्रतिशत राशि कर्मचारियों के पेंशन हेतु इक्विटी में जमा होती है जिसे कर्मचारियों को प्रतिमाह एक निश्चित पेंशन की राशि का भुगतान होता है।
इसी तरह जिला कोषालय अधिकारी बलरामपुर संतोष सिंह ने कर्मचारियों को मिलने वाला उपादान (ग्रेच्युटी) और अवकाश नकदीकरण के संबंध में बताया कि ओ पी एस के अंतर्गत न्यूनतम 12 माह की ग्रेजुएटी प्राप्त होती है अधिकतम 16 छमाही या अधिकतम 20 लाख की सीमा का लाभ प्राप्त होता है इसके अंतर्गत शासकीय कर्मचारी अपने बचे हुए अर्जित अवकाश नकदीकरण जो अधिकतम 240 दिन का लाभ प्राप्त कर सकता है जबकि एनपीएस में अवकाश नकदीकरण नहीं होती है।
रमाकांत राय ने एल बी संवर्ग को दृष्टिगत रखते हुए अपने व्याख्यान में उनके लिए ओ पी एस चयन के विकल्प को ही बेहतर बताते हुए कहा कि शिक्षक पंचायत के रूप में इस संवर्ग का वेतनमान बहुत कम था जिसके कारण एनपीएस में उनका कटोत्रा का अंश कम होने के कारण उनकी पेंशन की राशि पर्याप्त नहीं होगी जिस कर्मचारी का सेवाकाल अधिक हो सेवा के प्रारंभ काल से ही अच्छा वेतनमान हो अर्थात एनपीएस में उनकी कटोत्रा का अंशदान अधिक होगा उनके लिए एनपीएस लाभदायक हो सकता है लेकिन एलबी संवर्ग के लिए ओ पी एस ही बेहतर विकल्प है शिक्षकों के हर भ्रांतियों को दूर करके विकल्प चयन के लिए सुझाव दिया शिक्षक संवर्ग द्वारा बड़े पैमाने पर विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तरी की गई जिसका विद्वान जनों ने सरलता सहजता से जवाब देते हुए कर्मचारियों के सामने ओ पी एस/एन पी एस अंतर्गत आ रही भ्रांतियों को दूर किया आज के कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलन पूजन कर किया गया। इस कार्यक्रम में मल्टीपरपज के प्राचार्य के के राय अतिथि के रुप में कर्मचारियों को उनकी शासकीय सेवा नियमों से अवगत कराते हुए बेहतर कार्य करने प्रेरित किया।शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा रवि शंकर पांडे अतिथि के रुप में कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कर्मचारियों के लिए इसे बेहतर आयोजन बताया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण सुनील सिंह द्वारा एवं कार्यक्रम का संचालन सर्वजीत पाठक द्वारा एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती सुजाता सिंह द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में संयुक्त शिक्षक संघ के सचिन त्रिपाठी एवं जिला अध्यक्ष स्नेह लता पाठक, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के सतीश तिवारी व मनोज तिवारी एवं सेवा गणना मोर्चा के राकेश वर्मा सहित शैलेंद्र सिंह सेंगर,रमेश राय,सतीश पांडे,संजीव सिंह,सतीश सिन्हा,अंचल सिन्हा,मृदुल गुप्ता,लीना थामस,अनामिका वर्मा,ज्योति सिन्हा,नीरज शुक्ला,बृज बिहारी सिंह,अनिल सिंह,अमिताभ जायसवाल,सीमा दुबे,दीपाली गुप्ता,संध्या पांडे,नूतन सिंह,मीना सिंह, संध्या कश्यप,ज्योति दामले,ललन सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह, शिरीष नंदे,विक्रम सिंह तोमर,संतोष साहू,नसीम सिद्धकी,अर्जुन पासवान सहित सैकड़ों शिक्षकों ने कार्यशाला में हिस्सा लेकर अपने भ्रांतियों को दूर किया।


