महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,11 मई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के आयोजित साल की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 9 मई को किया गया। इसमें आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से कुल 66,623 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें पक्षकारों के पक्ष में 6 करोड़ 22 लाख 82 हजार 394 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए।
लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से किया। जिला न्यायालय महासमुंदए कुटुम्ब न्यायालय सहित पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा की सिविल व राजस्व अदालतों में कुल 27 खंडपीठों का गठन किया गया था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के नेतृत्व में इन खंडपीठों ने बैंक रिकवरी, विद्युत बकाया, श्रम विवाद, मोटर दुर्घटना दावा और वैवाहिक विवादों जैसे गंभीर मामलों का त्वरित निपटारा किया। प्रभारी सचिव चेतना ठाकुर ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में बड़ी राहत दी गई।
जिलेभर के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से सर्वाधिक 50 हजार 513 प्रकरण सुलझाए गए। मोटर दुर्घटना दावा के 25 प्रकरणों में 3.22 करोड़ रुपए के अवार्ड पारित 50.513 प्रकरण सुलझाए गए। मोटर दुर्घटना दावा के 25 प्रकरणों में 3.22 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित हुए। अकेले खंडपीठ क्रमांक.01 ने 9 प्रकरणों में 1.32 करोड़ रुपए की राशि वारिसानों को दिलाई। बैंक रिकवरी के 2.854 मामलों में 12.54 लाख और बिजली विभाग के 8.769 मामलों में 33.82 लाख रुपए का निराकरण किया गया। एनआई एक्ट चेक बाउंस के 12 प्रकरणों में 37 लाख रुपए के अवार्ड दिए गए। इस आयोजन में महासमुंद के अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और वन व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग रहा।


