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सिख इतिहास के महान बलिदानों को राष्ट्रीय मान्यता दिलाने पर मिला स्वर्ण मंदिर में सम्मान-डॉ. सोलंकी
19-Dec-2025 3:21 PM
सिख इतिहास के महान बलिदानों को राष्ट्रीय मान्यता दिलाने पर मिला स्वर्ण मंदिर में सम्मान-डॉ. सोलंकी

रायपुर, 19 दिसंबर । छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने बताया कि उन्हें अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सिख इतिहास के महान बलिदानों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए चलाए गए अभियान के लिए प्रदान किया गया।

 

डॉ. सोलंकी ने बताया कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने मुगलों के अत्याचारों के विरुद्ध धर्म की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की वीरता, त्याग और बलिदान को सम्मान देने हेतु वीर बाल दिवस  को शासकीय आयोजन के रूप में मनाने की मांग को एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया। इस मुहिम के अंतर्गत उन्होंने शासन की स्वीकृति मिलने तक निरंतर प्रयास जारी रखे।

डॉ. सोलंकी ने बताया कि वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के तत्वावधान में भारत सरकार से चार साहिबजादों के सम्मान में वीर बाल दिवस मनाए जाने की मांग की शुरुआत की थी। इस उद्देश्य से उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया तथा भारत सरकार के समक्ष आधिकारिक रूप से भी अपने तर्क और प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

डॉ. सोलंकी ने बताया कि उनके सतत प्रयासों और जनसमर्थन का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि भारत सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए 9 जनवरी 2022 को प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की तथा भारत सरकार ने इसे अपने गजट में भी प्रकाशित कर इसे आ आधिकारिक मान्यता दी।


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