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रायपुर, 1 मार्च। केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), रायपुर ने बताया कि जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बलौदाबाजार के सहयोग से एमएसएमई, भारत सरकार की क्र्ररूक्क योजना के तहत ग्रीन पैकेजिंग: एमएसएमई के लिए अवसर और प्रथाएं पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा प्रायोजित किया गया था।
सिपेट ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन श्री नारायण सिंह ठाकुर, प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बलौदाबाजार, श्री गुरुमुख गंगवानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स, भाटापारा, श्री रंजीत दवानी, अध्यक्ष, पोहा मिल एसोसिएशन और श्री नरेश आर्य, अध्यक्ष, दाल मिल एसोसिएशन ने किया। श्री एन. रविन्द्र रेड्डी, प्रबंधक (तक.) ने अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
सिपेट ने बताया कि विशेषज्ञ वक्ता श्री रेहान अली प्रधान, संस्थापक और सीईओ, मेटोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर ने ग्रीन पैकेजिंग के लिए एग्रो बायोप्रोडक्ट्स का उपयोग करके बायोपॉलिमर कंपाउंड्स पर प्रस्तुति दी। श्री प्रेम आनंद राव, समन्वयक, उद्यमिता विकास, एमएसएमई-डीएफओ, रायपुर ने सस्टेनेबल पैकेजिंग के लिए बाजार लिंकेज पर व्याख्यान दिया और श्री एन रवींद्र रेड्डी, सीपेट रायपुर ने ग्रीन पैकेजिंग: एक व्यावहारिक रोडमैप पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। श्री नारायण सिंह ठाकुर ने डीआईसी, बलौदाबाजार द्वारा संचालित योजनाओं और नियमित प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में बताया।
सिपेट ने बताया कि कार्यशाला का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ समस्याओं और समाधानों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का समन्वयन श्री समोजू पृथ्वीराज, श्री सुनील कुमार जेना और श्री गेंद लाल ने किया।


