बिलासपुर

हड़ताल का खासा असर, मरीज परेशान 1500 से ज्यादा मेडिकल दुकानें रही बंद
20-May-2026 2:12 PM
हड़ताल का खासा असर, मरीज परेशान 1500 से ज्यादा मेडिकल दुकानें  रही बंद

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 20 मई। देशभर में दवा व्यापारियों के संगठन द्वारा किए गए बंद के आह्वान का असर मंगलवार को बिलासपुर जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। जिला दवा विक्रेता संघ के नेतृत्व में जिले की करीब 1500 रिटेल मेडिकल दुकानें और थोक दवा एजेंसियां बंद रहीं। मेडिकल बाजारों में सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित न होने देने के लिए अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रखे गए।

तेलीपारा स्थित थोक दवा बाजार में सभी दुकानों के शटर बंद रहे। वहीं पुराना बस स्टैंड, गोलबाजार और सदर बाजार के मेडिकल स्टोर्स ने भी बंद का समर्थन किया। जिले के तखतपुर, कोटा, मस्तूरी और रतनपुर में भी मेडिकल कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा।

बंद के दौरान दवा विक्रेताओं ने गोलबाजार, मेडिकल कॉम्प्लेक्स और सदर बाजार में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। व्यापारियों का कहना है कि सरकार की नई नीतियां छोटे और पारंपरिक दवा कारोबारियों के लिए खतरा बनती जा रही हैं। उनका आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़े कॉर्पोरेट समूहों को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाएं स्थानीय व्यापार को खत्म कर देंगी।

जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन लाखों परिवारों की आजीविका बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन आंदोलन भी किया जा सकता है।


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