बिलासपुर

हत्या के आरोप में पत्नी, साले व ससुर को आजीवन कारावास
04-Jan-2026 1:40 PM
हत्या के आरोप में पत्नी, साले व ससुर को आजीवन कारावास

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 4 जनवरी। मस्तूरी थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम निर्णय सुनाया है। दशम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी की अदालत ने पत्नी सहित हत्या के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड उपयुक्त नहीं है।

प्रकरण मस्तूरी थाना क्षेत्र के वेद परसदा गांव का है। 16 जुलाई 2022 की रात पारिवारिक विवाद के दौरान संतोष साहू पर जानलेवा हमला किया गया था। आरोप के अनुसार पत्नी राजेश्वरी साहू, ससुर श्यामलाल साहू और साले योगेश कुमार साहू ने चाकू और लाठियों से हमला किया। घटना के समय मृतक के नाबालिग बच्चे भी मौके पर मौजूद थे, जिनकी गवाही दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण रही।

गंभीर रूप से घायल संतोष साहू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की और आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि मेडिकल साक्ष्य और बाल गवाहों के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि तीनों दोषियों ने साझा मंशा के साथ हत्या को अंजाम दिया। वहीं, चौथे आरोपी रामायण प्रसाद यादव के विरुद्ध ठोस प्रमाण नहीं मिलने पर उसे संदेह का लाभ दिया गया।

कोर्ट ने श्यामलाल साहू, योगेश कुमार साहू और राजेश्वरी साहू को धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 


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