बिलासपुर
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 18 दिसंबर। बोदरी नगर पालिका में मकान का नक्शा पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर पालिका की सीएमओ और उनके कार्यालय के क्लर्क को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों पर नक्शा पास करने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग करने और बाद में 12 हजार में सौदा तय करने का आरोप है।
नूतन चौक के पास रहने वाले वेदराम निर्मलकर बोदरी नगर पालिका क्षेत्र में नया मकान बनवा रहे हैं। उन्होंने विधिवत आवेदन कर नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए उनसे 20 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट और 47,257 रुपये अन्य शासकीय शुल्क जमा कराए गए।
आरोप है कि इसके बावजूद सीएमओ भारती साहू ने अपने कार्यालय के क्लर्क सुरेश सिहोरे के माध्यम से नक्शा पास करने के लिए 15 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की।
मकान मालिक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी से शिकायत कर दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जो सही पाई गई। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। एसीबी की मौजूदगी में मकान मालिक और क्लर्क के बीच बातचीत कराई गई, जिसमें 12 हजार रुपये में नक्शा पास करने का सौदा तय हुआ। जैसे ही मकान मालिक ने क्लर्क को रुपये दिए, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
एसीबी ने क्लर्क से पूछताछ की, जिसमें सीएमओ की संलिप्तता सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद एसीबी ने सीएमओ भारती साहू और क्लर्क सुरेश सिहोरे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
मालूम हो कि सीएमओ भारती साहू का मूल पद लैब टेक्नीशियन है और तीन साल पहले उन्हें बोदरी नगर पालिका का सीएमओ बनाकर भेजा गया था। आरोप है कि उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सीएमओ पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, कॉलोनियों के कार्यों को रोकने और अतिक्रमण हटाने में भेदभाव जैसे आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि नक्शा पास कराने सहित कई काम लंबे समय से लंबित रहते हैं। आवेदकों को अलग-अलग बहानों से चक्कर कटवाए जाते हैं और सीधे या परोक्ष रूप से रुपये की मांग की जाती है।
पीड़ित वेदराम निर्मलकर का भी कहना है कि सभी जरूरी अनुमतियां होने के बावजूद उनसे अतिरिक्त पैसे मांगे गए और राशि न देने पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।



