बिलासपुर
विधायक धरमलाल कौशिक ने अपनी ही सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 17 दिसंबर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जल जीवन मिशन के कामकाज को लेकर सरकार और विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान किए जाने के आरोपों को लेकर विधायक धरमलाल कौशिक ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को सदन में जमकर घेरा।
प्रश्नकाल के दौरान धरमलाल कौशिक ने आरोप लगाया कि बिल्हा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के 111 से अधिक कार्य अब भी अधूरे हैं, इसके बावजूद ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भुगतान मिलने के बाद ठेकेदार काम पूरा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं और अब अधिकारी उनके पीछे-पीछे घूमने को मजबूर हैं। विधायक ने एजेंसीवार भुगतान और शेष राशि का पूरा ब्यौरा भी सदन में मांगा।
मंत्री साव ने जवाब में कहा कि जितने कार्यों का मूल्यांकन हुआ है, उतना ही भुगतान किया गया है। काम पूरा हुए बिना 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान नहीं किया जाता। हालांकि, धरमलाल कौशिक ने मंत्री के जवाब को खारिज करते हुए कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाते। उन्होंने झलपा गांव का उदाहरण देते हुए वहां हुए काम और भुगतान की स्थिति पर सीधा जवाब मांगा, जिस पर मंत्री स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।
विधायक ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर करोड़ों रुपये के ठेके दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि एक फर्म पर कार्रवाई होने के बाद उसी तरह के दस्तावेज इस्तेमाल करने वाली अन्य फर्मों को संरक्षण क्यों दिया गया?
इस पर मंत्री ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अपेक्स कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काम लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और एफआईआर दर्ज होगी।
साव ने सदन को जानकारी दी कि मेसर्स विजय वी. सालुंखे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि छह अन्य फर्मों के अनुबंध निरस्त किए गए हैं। कौशिक ने यह भी पूछा कि 25 नवंबर 2025 की स्थिति में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामवार कितने कार्य पूर्ण, अपूर्ण और अप्रारंभ हैं तथा उन्हें कब तक पूरा किया जाएगा। उन्हें इसका जवाब नहीं मिला।


