बिलासपुर
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 13 दिसंबर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के एक दिवसीय बिलासपुर दौरे के दौरान विभागीय बैठक में अटैचमेंट के मामलों को लेकर सख्त रुख देखने को मिला। बैठक के दौरान नियमों की अनदेखी पर मंत्री का गुस्सा खुलकर सामने आया, जिससे कई अधिकारी असहज नजर आए।
संभागीय बैठक में स्कूल शिक्षा संभाग के सभी जिलों के बीईओ और डीईओ मौजूद थे। मंत्री ने राज्य शासन की मनाही के बावजूद विभाग में चल रहे संलग्नीकरण (अटैचमेंट) के खेल पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बीमारी और शिकायत के नाम पर नियमों को दरकिनार करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान कोटा बीईओ से अटैचमेंट की संख्या पूछी गई। पहले एक बताने पर मंत्री ने सख्ती दिखाई। दबाव बढ़ने पर बीईओ ने संख्या तीन बताई, लेकिन मंत्री ने फाइल दिखाते हुए और मामलों की ओर इशारा किया और डांट लगाई। इससे बीईओ घबरा गए और अचानक बेहोश होकर गिर पड़े।
इस घटना के बाद बैठक में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। बैठक में डीपीआई ने भी ऐसे अधिकारियों पर निलंबन की बात कही।
मालूम हो कि युक्तियुक्तकरण के दौरान कई शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी या हाईकोर्ट में याचिका लगा दी, उन्हें मनपसंद स्कूलों में अटैच किया गया है। बीईओ और डीईओ की मिलीभगत से यह खेल लंबे समय से चल रहा है।


