बिलासपुर

हाई कोर्ट ने जेलों में बढ़ती भीड़ को लेकर डीजी को तुरंत कदम उठाने का निर्देश
09-Dec-2025 9:10 PM
हाई कोर्ट ने जेलों में बढ़ती भीड़ को लेकर डीजी को तुरंत कदम उठाने का निर्देश

20 जिलों में बनाए जाएंगे नए वेलफेयर ऑफिसर के पद, हाईकोर्ट में सरकार ने दी जानकारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 9 दिसंबर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य की जेलों में लगातार बढ़ती भीड़ और कल्याण अधिकारियों की कमी को बेहद गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार व जेल महानिदेशक को तुरंत प्रभाव से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि कैदियों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जेल सिस्टम को दुरुस्त करना ज़रूरी है।

सरकार ने कोर्ट को बताया कि पहले वेलफेयर ऑफिसर और प्रोबेशन ऑफिसर अलग-अलग पद थे, अब दोनों पदों को मिलाकर एक संयुक्त पद बनाया गया है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ जेल नॉन-गजटेड-3 सर्विस रूल्स, 2022 में बदलाव किए गए हैं और राज्य के 20 जिला जेलों में वेलफेयर ऑफिसर की नियुक्ति के लिए नए पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार है। इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में शामिल किया जाएगा, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट इस बारे में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नई जेल बिल्डिंग बनाते समय मॉडल प्रिजन मैनुअल 2016 के मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीजी प्रिजन्स को विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई मार्च 2026 में होगी।

डीजी जेल द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया कि 33 जेलों की कुल क्षमता 14,883 है, जबकि 9 सितंबर 2025 तक कैदियों की संख्या 21,335 पहुंच चुकी है। भीड़ कम करने के लिए कई जेलों में अतिरिक्त बैरक का निर्माण जारी है।

याचिका के अनुसार, राज्य की कुल क्षमता करीब 15 हजार कैदियों की है, जबकि बंद कैदियों की संख्या 20,500 से अधिक है। इससे न केवल भीड़ बढ़ रही है, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी गहराती जा रही हैं।

सरकार ने बताया कि बेमेतरा जिले की नई जेल का निर्माण पूरा हो चुका है और अन्य जिलों में भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।


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