बिलासपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
करगीरोड (कोटा), 8 दिसंबर। स्वामी आत्मानंद मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई का 7 दिवसीय विशेष शिविर ग्राम केकराडीह में संपन्न हुआ । शिविर में एनएसएस के स्वयंसेवकों के द्वारा प्रभात फेरी से लेकर के रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर नारे, गोष्ठी आदि विभिन्न माध्यमों से ग्राम में जागरूकता लाने का प्रयास किया गया।
ग्रामवासियों ने एनएसएस के स्वयंसेवकों के प्रत्येक कार्यक्रम में बढ़-चढक़र साथ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की गतिविधि हमारे गांव में हमेशा होती रहनी चाहिए, ताकि समाज को एक नई दिशा प्राप्त हो सके। एनएसएस के कार्यक्रम में प्रत्येक दिन होने वाली बौद्धिक परिचर्चा में गांव की सरपंच मुन्नी बाई मिंज, उप सरपंच शिवरानी पटेल, पंच संगीता श्याम, शा.पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक अजय डहरिया, शिक्षक बलराम रजक,प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक आर.एल.चंद्रा, शिक्षक नारायण सिंह नायक ,बी एल ओ सुनीता श्याम,शाला समिति सदस्य चौसल प्रसाद यादव,हाई स्कूल के व्याख्यातागण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक प्रतिदिन सम्मिलित होते रहे हैं।
शिविर में विभिन्न विभागों के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों का आगमन होता रहा है और उनके द्वारा प्रत्येक दिन ग्राम वासियों एवं स्वयंसेवकों के साथ अलग-अलग विषयों पर चर्चा -परिचर्चा की गई।
सामाजिक मुद्दों में नशा मुक्ति,मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण, सुरक्षित पारा सुरक्षित लईकामन, साइबर क्राइम, करियर गाइडेंस, स्वच्छता, स्वास्थ्य आदि विषयों को प्रमुखता से रखा गया। अलग अलग दिवस के विशिष्ट अतिथियों में शरणजीत बग्गा प्राचार्य सेजस कन्या रतनपुर ,एन.के.कौधिक प्राचार्य सेजेस बेलगहना,अजय डहरिया प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, मनीराम उइके संकुल समन्वयक केकराडीह,आर एल चंद्रा प्रधान पाठक प्राइमरी स्कूल केकराडीह,सुनीता श्याम बी एल ओ, नारायण सिंह नायक शिक्षक, बलराम रजक शिक्षक, सौरभ सिंह शिक्षक, ऋग्वेंद्र सिन्हा शिक्षक आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही है। एसआईआर के डिजिटलीकरण को शत प्रतिशत करने में स्वयंसेवको ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई।
शिविर के दौरान अटल बिहाती विश्व विद्यालय के एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ मनोज सिन्हा का आगमन भी हुआ उन्होंने शिविर के उत्तम संचालन के लिये कार्यक्रम अधिकारी अरविंद पाण्डेय एवं समस्त सेवकोसेवकों की प्रशंसा की। ग्रामवासियों के सहयोग को उन्होंने खूब सराहा। इस विशेष शिविर का समापन 7 दिसम्बर को हुआ।


