बिलासपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
करगीरोड (कोटा), 8 दिसंबर। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की आय में वृद्धि और ऊर्जा उपयोग के वैकल्पिक मॉडल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गरिमा मंच ने सौर ऊर्जा आधारित प्रसंस्करण उपकरण का उपयोग शुरू किया है। जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था द्वारा संचालित गरिमा इकाई ने सेमरिया गाँव स्थित मिलेट बिस्कुट प्रसंस्करण केंद्र में इस उपकरण को प्रयोग में लाया है।
यह उपकरण सौर ऊर्जा पर कार्य करता है। इकाई के अनुसार, इससे बिजली की खपत कम हुई है और उत्पादन लागत में भी कमी आई है। गरिमा इकाई ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित करती है। मोटे अनाज (मिलेट) के प्रसंस्करण और विपणन से स्थानीय उत्पादकों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है। सोलर उपकरण से तैयार मिलेट बिस्कुट के उत्पादन में सुधार दर्ज किया गया है। गरिमा मंच का कहना है कि ग्रामीण इकाइयों में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के प्रयोग से पर्यावरणीय प्रभाव में भी कमी आती है। संस्था के अनुसार, इस मॉडल को समझने के लिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों की टीमें सेमरिया पहुँच रही हैं। उद्देश्य इसे अन्य क्षेत्रों में लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करना है।
जन स्वास्थ्य सहयोग एवं गरिमा मंच
गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था ग्रामीण समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका कार्यक्रमों पर कार्य करती है। गरिमा इकाई पोषण और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
उपकरण के निर्माण में संस्था की एप्रोप्रिएट टेक्नोलॉजी विभाग इकाई की भूमिका रही है।


