बिलासपुर

रेप व किडनैप के आरोप से युवक बरी, हाईकोर्ट ने माना दोनों के बीच थे प्रेम संबंध
26-Oct-2025 2:45 PM
रेप व किडनैप के आरोप से युवक बरी, हाईकोर्ट ने माना दोनों के बीच थे प्रेम संबंध

निचली अदालत ने सुनाई थी 10 साल की सजा

बिलासपुर, 26 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाबालिग छात्रा के कथित अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को दोषमुक्त कर दिया है। निचली अदालत ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने माना कि यह मामला अपहरण या जबरदस्ती का नहीं बल्कि आपसी प्रेम संबंध का था।

मामला वर्ष 2015 का है। रायपुर निवासी एक व्यक्ति ने 2 अक्टूबर 2015 को अपनी बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता ने बताया था कि 1 अक्टूबर को उसकी बेटी कॉलेज गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने जांच शुरू कर धारा 366 (अपहरण) के तहत अपराध दर्ज किया। लगभग छह माह बाद, मार्च 2016 में पुलिस ने छात्रा को आरोपी युवक के साथ बरामद किया।

छात्रा के बयान के अनुसार, आरोपी ने पहले उसके दोस्त के माध्यम से संपर्क किया और मिलने के लिए बुलाया। वह खुद बस से पाटन पहुंची, जहां से आरोपी उसे मोटरसाइकिल में लेकर अन्य गांव गया। दोनों करीब पांच महीने तक किराए के मकान में रहे और फिर दुर्ग चले गए। छात्रा ने यह भी कहा कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए।

 

हाईकोर्ट में अपील की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि छात्रा ने अपने बयान में यह स्वीकार किया था कि वह आरोपी के साथ कई महीनों तक अपनी मर्जी से रही। उसने मंदिर में शादी करने और नोटरी के समक्ष हलफनामा देने की बात भी कबूल की थी। कोर्ट ने कहा कि जब पीड़िता छह महीने तक आरोपी के साथ रही और कई जगहों पर उसके साथ गई, तो यह कहना कि उसे जबरदस्ती साथ रखा गया, विश्वसनीय नहीं है।

न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि पीड़िता का यह कहना कि वह आरोपी द्वारा परेशान किए जाने के कारण उसके साथ रहने लगी, तर्कसंगत नहीं है। इसलिए, साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया गया।


अन्य पोस्ट