बिलासपुर
बिलासपुअर, 18 क्टूबर। पचपेड़ी क्षेत्र में एक शराब कोचिए को जेल भेजने की धमकी देकर डेढ़ लाख रुपये लिए गए। पीड़ित की पत्नी ने अपने पति को बचाने के लिए जमीन गिरवी रखकर यह रकम आरक्षक को सौंपी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक गजपाल जांगड़े को निलंबित कर दिया। साथ ही एएसपी अर्चना झा को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
पचपेड़ी क्षेत्र के मानिकचौरी गांव निवासी जोगी नायक गांव में चाय-नाश्ते की दुकान चलाता है। उसका आरोप है कि पचपेड़ी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक हरवेंद्र खूंटे, आरक्षक गजपाल जांगड़े, अजय मधुकर और मुरीत बघेल ने उसे सरकारी आवास बुलाकर 50 लीटर महुआ शराब के मामले में जेल भेजने की धमकी दी। जेल से बचाने के लिए उन्होंने दो लाख रुपये की मांग की।
डरे हुए जोगी ने अपनी पत्नी रजनी को फोन कर बात बताई। पति को जेल से बचाने के लिए रजनी ने जमीन गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये जुटाए और उन्हें पुलिस क्वार्टर में जाकर आरक्षक गजपाल को दे दिए। इसके बाद जोगी को घर जाने दिया गया, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ 36(च) आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
पीड़ित ने गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और एक वीडियो सौंपा, जिसमें आरक्षक गजपाल जांगड़े को रुपये गिनते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले भी प्रधान आरक्षक और आरक्षक ने ग्राम सोन से एक शराब कोचिए को हिरासत में लिया था। उसे जंगल में ले जाकर पीटा और पहले के मामलों को जोड़कर तीन लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने अपनी कार बेचकर रकम चुकाई थी।
जानकारी के अनुसार, जोगी नायक और उसकी पत्नी पहले शराब कारोबार के आरोप में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद वे फिर से इस धंधे में सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों से मिलीभगत के चलते क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार अब भी जारी है।



